आगरा : आगरा के दीवानी अदालत परिसर में उत्तर प्रदेश बार काउंसिल की अध्‍यक्ष दरवेश सिंह की गोली मारकर की गई हत्‍या के मामले में तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. दरवेश यादव के भाई पंजाब सिंह यादव के बेटे सनी यादव ने तीन लोगों के खिलाफ यह एफआईआर दर्ज कराई है.

थाना न्यू आगरा में दर्ज कराई गई एफआईआर में अधिवक्ता मनीष शर्मा, उनकी पत्नी वंदना शर्मा पर दरवेश को धमकाने का आरोप लगाया गया है. तीसरा आरोपी विनीत गुलेचा को बनाया गया है. विनीत मनीष को स्कूटर पर बैठाकर लेकर आया था. मनीष ने ही दरवेश पर गोलियां चलाई थीं. तीनों के खिलाफ आईपीसी की धारा 302, 120बी और 507 के तहत केस दर्ज किया गया है.

आगरा में हुई यूपी बार काउंसिल की अध्यक्ष दरवेश यादव की हत्या के बाद उनका शव उनके निवास स्थान एटा पहुंचने पर दरवेश के भतीजे पार्थ ने हत्या की सीबीआई जांच की मांग की. उन्‍होंने कहा कि हम निष्पक्ष सीबीआई जांच की मांग करते हैं. जो भी दोषी हो उसको सजा मिले. उन्‍होंने कहा कि मनीष ने बार काउंसिल के वकीलों के कल्याण के लिए आने वाले पैसों का गबन किया. पैसे खा गए. उनके नाम पर डायरेक्ट चेक ले लिए, वो भी खा गए. दीदी की गाड़ी भी ले ली थी और कहा था कि चुनाव में हमारा पैसा खर्च हुआ है. इसलिए उन्हें निकाल दिया गया था. उनकी खुद की कोई इनकम नहीं थी.

बता दें कि दरवेश यादव की हत्‍या बुधवार को की गई थी. दरवेश को एक वकील द्वारा गोली गारी गई और बाद में उसने खुद भी जान देने की कोशिश की. पुलिस ने यह जानकारी दी. दरअसल बुधवार दोपहर करीब तीन बजे उप्र बार काउंसिल की अध्‍यक्ष दरवेश सिंह और अधिवक्‍ता मनीष शर्मा के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया था. आगरा के एडीजी अजय आनंद ने बताया कि विवाद इतना बढ़ा कि अधिवक्ता मनीष शर्मा ने दरवेश यादव को एक के बाद एक तीन गोलियां मारी. 

गोली चलने से अदालत परिसर में अफरा तफरी फैल गई थी. इसके बाद मनीष शर्मा ने खुद को भी एक गोली मार ली. पुलिस ने दोनों को दिल्‍ली गेट स्थित पुष्‍पांजलि हॉस्पिटल में भर्ती कराया था. फिलहाल विवाद के कारण का अभी कुछ पता नहीं चल सका है. दो दिन पहले ही दरवेश उत्तर प्रदेश बार काउंसिल की अध्यक्ष निर्वाचित हुई थीं.

यूपी बार काउंसिल के इतिहास में वे पहली महिला अध्यक्ष बनी थीं. यूपी बार काउंसिल का चुनाव रविवार को प्रयागराज में हुआ था. दरवेश सिंह और हरिशंकर सिंह को बराबर 12-12 वोट मिले. दरवेश सिंह के नाम एक रिकॉर्ड यह भी है कि बार काउंसिल के 24 सदस्यों में वे अकेली महिला हैं. चुनाव मैदान में कुल 298 प्रत्याशी थे.
दरवेश सिंह मूल रूप से एटा की रहने वाली थीं. 2016 में वे बार काउंसिल की उपाध्यक्ष और 2017 में कार्यकारी अध्यक्ष रह चुकी हैं. वे पहली बार 2012 में सदस्य पद पर विजयी हुई थीं. तभी से बार काउंसिल में सक्रिय रहीं. उन्होंने आगरा कॉलेज से विधि स्नातक की डिग्री हासिल की. डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय (आगरा विश्वविद्यालय) से एलएलएम किया. उन्होंने 2004 में वकालत शुरू की.