लखनऊ । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विकास कार्यों एवं कानून-व्यवस्था से सीधे जुड़े अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा है कि शांति एवं कानून व्यवस्था से किसी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि जिलों में जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक या पुलिस अधीक्षक कानून एवं शांति व्यवस्था के लिए सीधे जिम्मेदार हैं। उन्होंने निर्देष दिए कि माफियाओं, गुण्डों व अपराधियों के विरूद्ध कड़ी और प्रभावी कार्यवाई तत्परता के साथ की जाए। जघन्य अपराधों में दर्ज नामजद एफआईआर में तत्काल दबिश देकर गिरफ्तारी करायी जाए, जिससे जनमानस पर इसका असर पड़े।
मुख्यमंत्री ने बुधवार को विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, प्रमुख सचिव गृह, पुलिस महानिदेशक, सभी जिलाधिकारियों, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एवं पुलिस अधीक्षकों के साथ यहां बैठक की। बैठक के बाद मुख्य सचिव अनूप चंद्र पाण्डेय संवाददाताओं को बताया कि मुख्यमंत्री ने प्रदेश के अधिकारियों को कानून-व्यवस्था एवं विकास कार्यों के कार्यान्वयन के सम्बन्ध में निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने बताया कि अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव एवं सचिवों सहित वरिष्ठ अधिकारी 15 से 20 जून के बीच सभी जिलों में निरीक्षण करेंगे, जिला अस्पतालों और तहसीलों में जाएंगे। गांवों में जाकर भौतिक सत्यापन करेंगे और 20 जून तक रिपोर्ट हर हालत में मुख्यमंत्री को सौंपी जाएगी। उन्होंने बताया कि 45 अधिकारी अलग-अलग जिलों में जाएंगे। उनकी रिपोर्ट का विश्लेषण करने के बाद कि कौन सी योजनाओं का कार्यान्वयन कैसे चल रहा है, कहां दिक्कतें हैं, क्या क्या लंबित है, इसका विस्तृत विश्लेषण किया जायेगा। उन्होंने बताया कि उसके बाद मुख्यमंत्री खुद सभी मंडलों में जाकर निरीक्षण करेंगे। मुख्यमंत्री ने कल चिकित्सा विभाग के सभी सीएमओ को बुलाया है। परसों शिक्षा विभाग में सभी बीएसए और डीआईओएस के साथ समीक्षा होगी। उसके बाद मंडलों का भ्रमण प्रारंभ होगा।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि वे जनता से बेहतर संवाद कायम करें। संवादहीनता या संवेदनहीनता की स्थिति ना आये। मुख्य सचिव ने बताया कि बैठक में बाराबंकी शराब कांड, महिलाओं के उत्पीडन की हाल की घटनाओं, टप्पल, हमीरपुर और जालौन सहित विभिन्न घटनाओं पर चर्चा हुई और संबंधित अधिकारियों से सख्त से सख्त कार्रवाई की अपेक्षा की गयी। साथ ही उन्हें निर्देषित किया गया कि इसमें कोई लापरवाही ना हो। जहां संभव हो, कोई अपनी व्यक्ति बात कहना चाह रहा है तो बातचीत के जरिए ही समस्या का समाधान हो। मुख्यमंत्री योगी ने निर्देश दिया कि एक घंटा रोज अनिवार्य रूप से सभी जिलाधिकारी एवं पुलिस कप्तान जनता से मिलना सुनिश्चित करें। जो अधिकारी जहां तैनात है, वहां ‘नाइट हाल्ट’ करें, चाहे एसडीएम हो, तहसीलदार हों या बीडीओ हों, एसओ हों या सीओ हों। उन्होंने कहा कि अगर वहां आवास नहीं है तो किराये के भवन में रहें। ये निर्देश दिया गया है कि अधिकारी फील्ड में तैनाती की जगह पर रहें।
मुख्य सचिव पाण्डेय ने बताया कि मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था के सम्बन्ध में जिलाधिकारियों तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों-पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित किया कि शान्ति एवं कानून-व्यवस्था से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जनपदों में जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक-पुलिस अधीक्षक कानून व शान्ति व्यवथा के लिए सीधे जिम्मेदार हैं इसलिए उन्हें सख्ती, निर्भीकता तथा निष्पक्षता से कार्य करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर रखने के साथ त्वरित व प्रभावी निरोधात्मक कार्यवाई प्रत्येक स्तर पर की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिलाधिकारियों एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक-पुलिस अधीक्षकों द्वारा एण्टी रोमियो स्क्वायड की समीक्षा कर महिला अपराध की घटनाओं को रोका जाए। प्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं के सम्मान, सशक्तिकरण एवं कल्याण के लिए उठाए गए कदमों के बारे में जनता को जागरूक किया जाए । पीड़ित महिलाओं को तत्काल मुआवजा दिलाया जाए। उन्होंने कहा कि भूमि विवाद तथा आपसी रंजिशों के मामले चिन्हित करते हुए राजस्व तथा पुलिस विभाग द्वारा संयुक्त रूप से निस्तारित किये जाएं। ग्राम समाज व शासकीय भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कराया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अवैध मदिरा की बिक्री के संदिग्ध स्थानों पर छापेमारी की जाए। जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा जनमानस में यह प्रचार-प्रसार कराया जाए कि अवैध अडडों से बिकने वाली शराब जहरीली हो सकती है। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक-पुलिस अधीक्षक द्वारा समय-समय पर कारागारों का आकस्मिक निरीक्षण सुनिश्चित किया जाए ताकि अपराधी जेल से आपराधिक गतिविधियां संचालित न कर सकें। उन्होंने साफ कहा कि भ्रष्टाचार एवं कानून-व्यवस्था में लापरवाही पर ‘जीरो टाॅलरेंस’ सुनिश्चित कराया जाए। मुख्य सचिव पाण्डेय ने बताया कि बैठक में केन्द्र और प्रदेश सरकार की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गयी। मुख्यमंत्री ने सभी योजनाओं के कार्यान्वयन में और तेजी लाने के निर्देश दिये।