अहमदाबाद | बोटाद जिले के जालीला गांव के दलित उप सरपंच मनजीभाई सोलंकी की हत्या का मामला गहराता जा रहा है| पुलिस हत्या के इस मामले में अब तक 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, लेकिन मृतक के परिवार शव लेने से इंकार कर रहा है| परिवार की छह मांगें पूरी नहीं होने पर शव को सचिवालय ले जाने और आत्मदाह करने की चेतावनी के बाद दलित नेता और समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों के बीच बैठक हुई| जिसमें असारवा के विधायक प्रदीप परमार, ईडर के विधायक हितु कनोडिया, जेसीपी अमित विश्वकर्मा, डीसीपी नीरज बडगुजर मौजूद रहे| बैठक में मृतक के परिवार द्वारा की गई मांगों पर चर्चा की गई| परिवार की मांग है कि परिवार को सुरक्षा मिले, हथियार रखने का लाइसंस, मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन, सुरक्षा वापस लेने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्यवाही, पसंदीदा सरकारी वकील रखने और पहले के बोटाद में चल रहे मामलों की डे टू डे जांच हो इसके लिए मामलों का अहमदाबाद ट्रांसफर किया जाए| बैठक में इन मांगों या जिम्मेदारी स्वीकार करने को कोई अधिकारी तैयार नहीं हुआ| इस बीच राज्य के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ईश्वर परमार ने कहा कि हत्याओं को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस ने पांच अलग अलग टीमें बनाई हैं| परिवार की सभी मांगों का जल्द ही समाधान हो जाएगा| गौरतलब है कि जालीला गांव की सरपंच गीताबेन सोलंकी के पति मनजीभाई सोलंकी उप सरपंच हैं, जिन्होंने पुलिस सुरक्षा मांगी थी| जिसके आधार पर 5 मार्च 2019 को एसआरपी के चार सशस्त्र जवानों को उनकी सुरक्षा में लगाया गया था| लेकिन 18 मई 2018 को सुरक्षा हटा ली गई थी|