नई दिल्ली अंतरराष्ट्रीय ओलिंपिक समिति (IOC) ने गुरुवार को भारत पर अंतरराष्ट्रीय टूर्नमेंट्स की मेजबानी पर लगे प्रतिबंध को तुरंत प्रभाव से हटा लिया है। आईओसी ने भारतीय ओलिंपिक संघ (IOA) को एक पत्र लिखकर इस बात की जानकारी दी। खेल मंत्रालय ने मंगलवार को ही आईओए को पत्र लिखकर कहा था कि वह उन सभी देशों और खिलाड़ियों को भारत में अंतरराष्ट्रीय टूर्नमेंट्स में हिस्सा लेने की अनुमति देगा, जिन्हें आईओसी से मान्यता प्राप्त है।

इस पत्र को आईओए ने आईओसी के पास भेजा जिस पर आईओसी के कार्यकारी बोर्ड की बैठक हुई और भारत पर से अंतरराष्ट्रीय टूर्नमेंट की मेजबानी को लेकर लगा प्रतिबंध तुरंत प्रभाव से हटा लिया गया। आईओसी के ओलिंपिक एकता तथा अनापत्ति प्रमाणपत्र (NoC) समिति के निदेशक जेम्स मैक्लोड ने पत्र में लिखा है, 'हमें आपका 18 जून को 2019 का पत्र मिला, जिसमें भारतीय सरकार की सफाई थी। आईओसी कार्यकारी बोर्ड ने आज (गुरुवार) बैठक में स्थिति की समीक्षा की कि भारत सरकार ने जो पत्र लिखा है, उसके आधार पर खिलाड़ियों और टीमों से अंतरराष्ट्रीय टूर्नमेंट में किसी तरह का भेदभाव नहीं किया जाएगा और उनका बकायदा सम्मान किया जाएगा, ताकि योग्य खिलाड़ियों और प्रतिनिधिमंडल को किसी तरह की परेशानी नहीं आए। उन खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय टूर्नमेंट में हिस्सा लेने दिया जाएगा।'

पत्र में आगे लिखा है, 'इस पत्र को देखकर हमने फैसला लिया है कि 21 फरवरी 2019 को आईओसी के कार्यकारी बोर्ड ने अंतरराष्ट्रीय टूर्नमेंट की मेजबानी को लेकर भारत पर रोक और प्रतिबंध लगाया था, उसे तुरंत प्रभाव से हटा लिया गया है। साथ ही सभी अंतरराष्ट्रीय महासंघों को इसकी जानकारी दे दी गई है।' बीते साल भारत ने विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप का आयोजन किया था, जिसमें कोसोवो के खिलाड़ियों, अधिकारियों और प्रशिक्षकों को हिस्सा लेने की अनुमति भारतीय सरकार ने नहीं दी थी।