भोपाल

राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने आज राजभवन में अंतराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आयोजित योगाभ्यास कार्यक्रम में कहा कि जीवन में योग को अपनाएँ और दूसरों को भी योग का महत्व बताएँ। उन्होने कहा कि योग वह क्रिया है जो शरीर, मन और बुद्धि के बीच सकारात्मक तालमेल स्थापित करती है। इससे दुनिया को देखने और समझने का सकारात्मक नज़रिया बनता है। उन्होंने कहा कि अगर देश के हर उम्र के लोग नियमित दिनचर्या में योग को शामिल कर लें, तो स्वस्थ मस्तिष्कों के ऊर्जावान कार्यों से देश-प्रदेश को निरंतर आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता।

राज्यपाल श्रीमती पटेल ने कहा कि प्रतिस्पर्धा और मानसिक तनाव के इस दौर में योग मानसिक शांति हासिल करने और जीवन जीने की कला सिखाता है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से संयुक्त राष्ट्र संघ ने विश्व योग दिवस को मान्यता दी है। इससे सारी दुनिया योग के महत्व से परिचित हुई है। श्रीमती पटेल ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा योग को मान्यता दिये जाने के बाद दुनिया भर में योग प्रशिक्षकों की मांग तेजी से बढ़ी है। इससे योग के क्षेत्र में भी रोज़गार के नये अवसर खुले हैं। उन्होने कहा कि युवाओं को भविष्य की चुनौतियों का सामना करने में नियमित योगाभ्यास बहुत जरूरी है। इससे मानसिक, शारीरिक और वैचारिक रूप से मजबूती मिलती है। मन और विचारों में एकाग्रता आती है।

राज्यपाल के सचिव श्री मनोहर दुबे एवं राजभवन में पदस्थ अधिकारियों-कर्मचारियों एवं सुरक्षा कर्मियों ने इस अवसर 100 से अधिक पौधों का रोपण किया और उनकी देख-भाल की जिम्मेदारी स्वीकार की। योग गुरू श्री राजीव जैन त्रिलोक द्वारा कार्यक्रम में उपस्थित सभी आयु वर्ग के महिला-पुरूषों को विभिन्न योगासन और प्राणायाम क्रियाओं का अभ्यास कराया गया।

कार्यक्रम के प्रारंभ में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीपद येसो नाईक के योग संदेश का प्रसारण हुआ। प्रार्थना, ध्यान और शांति पाठ हुए। योग गुरू ने योग पर अपनी पुस्तक का मराठी संस्करण राज्यपाल को भेंट किया।

कार्यक्रम में पूर्व मंत्री श्री दीपक जोशी सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।