अब तीरंदाजों को अपने प्रशिक्षण के लिए आर्थिक समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ेगा। खेल मंत्री किरण रिजीजू ने तीरंदाजों से मुलाकात कर उन्हें भरोसा दिया कि सरकार उनके प्रशिक्षण के लिए पर्याप्त धन उपलब्ध कराएगी। भारतीय तीरंदाजी टीम ने हाल ही में नीदरलैंड्स के डेन बॉश में संपन्न हुई विश्व चैम्पियनशिप में एक रजत और दो कांस्य सहित तीन पदक जीते हैं।
टूर्नामेंट में तीरंदाजों के प्रदर्शन की तारीफ करते हुए रिजीजू ने कहा कि खेल मंत्रालय उनके प्रदर्शन में सुधार के लिए कोष मुहैया कराएगी। खेल मंत्री ने कहा, 'हम भारत के लिए अच्छा प्रदर्शन कर चुके तीरंदाजों के साथ उन खिलाड़ियों को भी सहायता प्रदान करना चाहते हैं, जिनके पास क्षमता है। हम उन्हें कोचों, प्रशिक्षण सुविधाओं, तकनीकी सहायता और अन्य आवश्यक चीजों के लिए धन मुहैया करवाएंगे।'महिला रिकर्व टीम की रैंकिंग हालांकि पुरुष टीम से बेहतर है लेकिन वे विश्व चैम्पियपशिप से ओलिंपिक कोटा हासिल नहीं कर सकी। यह कोटा हासिल करने के लिए उनके पास एक और मौका होगा। रिजीजू ने कहा, 'महिला टीम का आत्मविश्वास काफी बढ़ा हुआ, मैं उनके क्वॉलिफाई करने को लेकर आश्वस्त हूं। भारत हमेशा से मजबूत रहा है। कई बार आप अच्छा प्रदर्शन कर के भी पदक नहीं जीत पाते हैं क्योंकि किस्मत आपके साथ नहीं होती। लेकिन उनके प्रदर्शन को देखते हुए मैं कह सकता हूं कि वे तोक्यो में पदक जीत सकते हैं।'
भारतीय तीरंदाजी संघ ने टूर्नमेंट से पहले नीदरलैंड्स में ही तीरंदाजों के लिए 11 दिन का शिविर लगाया था, जिसका बजट खेल मंत्रालय से मिला था। रजत पदक जीतने वाली टीम के सदस्य तरूणदीप राय ने कहा, 'हम टूर्नमेंट शुरू होने से 10 दिन पहले नीदरलैंड्स पहुंचे थे ताकि वहां की परिस्थितियों से सामांजस्य बैठा सके। इससे हमें काफी मदद मिली। हम सब कुछ अच्छा कर सके। भारत में हम 40 डिग्री सेल्सियस तापमान में अभ्यास करते हैं लेकिन नीदरलैंड में 15-17 डिग्री तापमान था।'