परिवहन एवं राजस्व मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने आज मंत्रालय में प्रदेश के स्कूल-कॉलेज के मालिक प्रतिनिधियों से चर्चा की। प्रतिनिधियों द्वारा मंत्री जी से स्कूल-कॉलेज की बसों पर रियायती दर पर कर निर्धारण की माँग की गई।

प्रदेश के स्कूल-कॉलेज बस मालिकों ने कहा कि इन बसों का उपयोग कममर्शियल वाहनों के रूप में न किया जाकर स्कूल कॉलेज के छात्र-छात्राओं एवं स्कूल स्टॉफ को लाने ले जाने के लिए किया जाता है। ये बसें उनकी संस्था के नाम पंजीकृत हैं। अतएव इन्हें परिवहन की परिधि में न रखकर रियायती दरों पर कर अधिरोपित किया जाना चाहिए।

मंत्री श्री राजपूत द्वारा आश्वासन दिया गया कि इस संबंध में विभाग द्वारा लीज के लिए शीघ्र ही कैंप लगाये जायेंगे एवं पंजीयन सोसायटी/समिति से संस्था के नाम किये जाने की कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रकरण सीएजी से संबंधित होने के कारण विभागीय स्तर पर इस पर कोई कार्यवाही संभव नहीं है। इसके अलावा प्रबंधन की ओर से कोई समस्या संज्ञान में आने पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जायेगा।

बैठक में परिवहन मंत्री के साथ प्रमुख सचिव परिवहन श्री मलय श्रीवास्तव एवं परिवहन आयुक्त डॉ. शैलेन्द्र श्रीवास्तव सहित प्रतिनिधिगण एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।