मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा है कि प्रदेश में नवकरणीय ऊर्जा को प्राथमिकता दी जाए। विकेन्द्रीकृत सौर परियोजनाओं को प्रोत्साहन देने के साथ उत्पादित ऊर्जा की प्रदेश में ही खपत सुनिश्चित करने के प्रयास किए जाएँ। मुख्यमंत्री ने आज मंत्रालय में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा तथा ऊर्जा विभाग के अधिकारियों के साथ उच्च-स्तरीय चर्चा में यह निर्देश दिए। नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री हर्ष यादव एवं ऊर्जा मंत्री श्री प्रियव्रत सिंह भी चर्चा में शामिल हुए।

मुख्यमंत्री ने सौर ऊर्जा से कृषि कार्य में पूरी बिजली उपलब्ध करवाने के लिए प्रदेश में संभावना वाले 20 विकासखंडों का चयन करने को कहा। उन्होंने कहा कि चयनित विकासखण्डों में सौर परियोजनायें स्थापित की जाएँ। मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम को प्रदेश में 2 लाख सोलर पंप लगाने का लक्ष्य दिया। उन्होंने कहा कि ये सोलर पंप वहाँ लगाए जाएँ, जहाँ मुख्यमंत्री स्थायी पंप योजना में लाइन विस्तार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सोलर पंप लगाने से लाइन विस्तार में होने वाले व्यय से बचा जा सकेगा। मुख्यमंत्री ने उद्योगों में भी सौर ऊर्जा उत्पादन का उपयोग करने के निर्देश दिये।

मुख्यमंत्री श्री नाथ ने कहा कि विकेन्द्रीकृत सौर परियोजनाओं को स्थापित करने के लिए विभिन्न श्रेणियों के उपभोक्ताओं को प्रोत्साहित किया जाए। उपभोक्ताओं की ऊर्जा की मांग विकेन्द्रीकृत सौर ऊर्जा से पूरी करने के प्रयास किये जाएँ। मुख्यमंत्री ने आम उपभोक्ताओं द्वारा रूफटॉप पर लगाये जाने वाले सौर सेटअप की नेट मीटरिंग में डिस्कोम से सहयोग देने को कहा। इससे ट्रांसमिशन एवं डिस्ट्रीब्यूशन लॉस को कम किया जा सकेगा। 

मुख्यमंत्री ने ऊर्जा विभाग से कहा कि प्रदेश में उत्पादित सौर ऊर्जा खरीदें। प्रदेश के अन्य संस्थानों को भी सौर ऊर्जा  की खरीद को प्राथमिकता देने के लिये कहा जाए। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में सौर परियोजनाओं की स्थापना से प्रभावित होने वाले लोगों के लिये परियोजना में रोजगार सुनिश्चित करने को कहा।

चर्चा में बताया गया कि नवीन और नवकरणीय ऊर्जा विभाग द्वारा आगर-नीमच और शाजापुर में 1500 मेगावॉट की सौर परियोजना स्थापित की जा रही हैं। परियोजना को स्थापित करने के लिए शासकीय भूमि आवंटित की गई है। विश्व बैंक ने परियोजना के लिए ऋण देने पर  सहमति व्यक्त की।

इस मौके पर मुख्य सचिव श्री एस.आर. मोहन्ती, अपर मुख्य सचिव ऊर्जा श्री आई.सी.पी. केशरी, प्रमुख सचिव नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा श्री मनु श्रीवास्तव एवं प्रमुख सचिव उद्योग एवं जनसम्पर्क डॉ. राजेश राजौरा उपस्थित थे।