बदलते हुए इस दौर में करियर को लेकर लंबी अवधि का नजरिया रखना जरूरी है और इस रास्ते में आपको छोटी अवधि के कई लक्ष्य बनाकर उसे पूरा करते रहने की जरूरत है। पिछले एक दशक में रोजगार के क्षेत्र में बहुत बड़े बदलाव हुए हैं।  अर्थव्यवस्था की कमजोरी के दौर में नौकरियों में भी अनिश्चितता हावी हो गयी है। ऐसे में इस चुनौतीपूर्ण समय में करियर प्लानिंग पर बहुत महत्व दिया जा रहा है और अब यह बहुत जरूरी हो गया है। इस समय सबसे अधिक दवाब यह है कि किसी व्यक्ति का रोल आने वाले दिनों में सीमित किया जा सकता है। आज जो कुशलता आपके पास है, तक़रीबन हर रोज बदलते माहौल में वह तीन से पांच साल बाद प्रासंगिक नहीं रह जाएगी। करियर प्लानिंग में सबसे महत्वपूर्ण यह है कि आप जॉब मार्केट से हिसाब से ना सिर्फ नयी योग्यता हासिल करें, बल्कि उसे लगातार अपग्रेड करते रहें जिससे कि आप बाजार के लिए यूजफुल बने रहें.
करियर प्लान करते समय इन बातों का ध्यान रखें
 मौजूदा जॉब प्रोफाइल का आंकलन करें
करियर गोल सेट करने के लिए जरूरी है कि आप मौजूदा जॉब प्रोफाइल का आंकलन करें। जब आप किसी फाइनेंशियल प्लानर के पास जाते हैं तो वह सबसे पहले आपके वित्तीय लक्ष्य के बारे में जानना चाहता है। इसी तर्ज पर आप अपने मौजूदा रोल और उसके भविष्य पर विचार करें। आपकी कंपनी जरूर तिमाही या छमाही समीक्षा करती होगी, आप अपने लिए चुनौतियों की जल्द-जल्द समीक्षा करें।
लंबी अवधि के करियर प्लान के हिसाब से काम करें 
अगर आप अगले चार-पांच साल में लीडरशिप रोल में आना चाहते हैं तो आपका उस प्रोफाइल के बारे में स्पष्ट विचार होना चाहिए। एक बार उद्देश्य चुन लेने के बाद उस लक्ष्य तक पहुंचने के लिए क्या कुशलता होनी चाहिए, इसकी पहचान करें। जो व्यक्ति इस समय उस पोजीशन पर है उसका कामकाज कैसा दिखता है. क्या उसमें कोई ऐसी कुशलता है जिसे सीखना आपके लिए मुश्किल है? क्या आपके पास कोई डिग्री होनी चाहिए? क्या आपका लीडर आपको पर्याप्त कुशलता सिखा रहा है जिससे कि आप उस रोल पर अच्छे से काम कर सकें? लंबी अवधि के लक्ष्य को पाने के लिए आपको कई विकल्पों में काम करना आना चाहिए। लंबी अवधि के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए आपको छोटे-छोटे लक्ष्य को पूरा करने की जरूरत है।
सीखें और कुशलता बढ़ाएं
जॉब मार्केट की अस्थिरता और वर्क प्लेस की लगातार बदलती परिस्थितियों के हिसाब से नई तकनीक सीखना करियर प्लानिंग का सबसे महत्वपूर्ण अंग है। अब करियर में जीवन भर आपको कुछ ना कुछ सीखना पड़ता है। ऑनलाइन एजुकेशन की मदद से आप यह काम बहुत आसानी से कर सकते हैं। अगर आप हफ्ते पांच-छह घंटे का समय निकालकर आपने काम के हिसाब से आधुनिक कुशलता सीख सकें तो आप अपनी जॉब जाने के जोखिम को बहुत आसानी से पीछे छोड़ सकते हैं।आसानी से नई चीजें सीखने की आपकी क्षमता भी आपको जॉब मार्केट में बनाये रखने में मददगार साबित होती है। अनुभव लें जब आप नई कुशलता सीखते हैं तो उन्हें लागू करने के मौके तलाशें. अपने संस्थान में भावी प्रोजेक्ट में काम करने की संभावना तलाशें और उसमें अपनी कुशलता का प्रयोग करें। 
विकल्प रखें 
अगर आपका संस्थान मेंटरिंग पाने के मौके दे रहा है तो यह सबसे अच्छा विकल्प है। आप इसकी मदद से अपने करियर की गाडी की रफ़्तार तेज कर सकते हैं। वहीं करियर के लक्ष्य पूरा नहीं होने की स्थिति में विकल्प भी तैयार रखें। इससे आपको योजना बनाने में आसानी होने के साथ ही अचानक लगने वाले झटके भी नहीं लगेंगे।