नई दिल्‍ली: मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के आज पेश होने वाले पहले आम बजट 2019 में भारतीय रेलवे के लिए भी कई खास सौगातें होंगी. सूत्रों के मुताबिक, बजट 2019 (Budget 2019) में भारतीय रेलवे के रोडमैप का भी ज़िक्र होगा. आखिर 2019-20 में भारतीय रेलवे किस दिशा में आगे बढ़ेगी, कमाई बढ़ेगी या घटेगी, रेल मुसाफिरों को मिलेगी सुविधाएं या फिर निजी निवेश बढ़ेगा, ऐसे तमाम अहम सवालों के जवाब आज बजट में मिलेगा.

सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, इस रेल बजट 2019 (Rail Budget 2019) में रेलवे सुरक्षा पर खास जोर रहेगा. लिहाजा मोदी सरकार की ओर से रेलवे संरक्षा फंड के लिए 5000 करोड़ रुपये आवंटित किए जा सकते हैं. इस फंड का इस्तेमाल सुरक्षा संबंधी कार्यों पर खर्च होगा.

सूत्रों के अनुसार, रेलवे का कैपेक्स 1.58 लाख करोड़ रुपये से घटकर 1.51 लाख करोड़ तक रह सकता है. कैपेक्स का इस्तेमाल नेटवर्क एक्सपेंश, सिगनलिंग अपग्रेडेशन, रेल ट्रैक मेंटेनेंस पर होगा.


वित्त वर्ष 2019-20 के लिए केंद्र से मिलने वाला ग्रॉस बजट्री सपोर्ट GBS जोकि 64,587 करोड़ रुपए है, जोकि घटकर 60,000 करोड़ रुपए तक रह सकता है. 

वहीं, सूत्र यह भी बता रहे हैं कि बजट में किसी नई ट्रेन चलाने का ऐलान न किए जाने की संभावना है. 

यात्रियों की रेल यात्रा अनुभव को बेहतर बनाने के मकसद से रेलवे स्टेशन पर बेसिक इंफ़्रा में सुधार और इजाफा होगा. मसलन लिफ्ट, एसकेलेटर, स्टेशन वेटिंग एरिया, LED लाइटिंग से स्टेशन और परिसर को जगमगाना, शौचालय.


इसके अलावा निजी निवेश को बढ़ाने के लिए रेलवे अपने दरवाज़े भी खोलेगी.

हालांकि रेलवे के ऑपरेटिंग रेश्यो के बिगड़ने की संभावना भी है. ऑपरेटिंग रेश्यो दरअसल रेलवे की फाइनेंसियल हेल्थ का पैमाना है. ऑपरेटिंग रेश्यो का सीधा मतलब की एक रुपए कमाने के लिए रेलवे कितना खर्च करती है.


सूत्रों कब मुताबिक, रेल बजट में ऑपरेटिंग रेशो बिगड़कर 95.5-96 तक का रह सकता है. रेल मंत्री ने वित्त वर्ष 2019-20 के लिए अंतरिम बजट में ऑपरेटिंग रेश्यो लक्ष्य 95% तय किया था, लेकिन कमाई नही बढ़ने और ऊपर से बढ़ रहे आर्थिक बोझ के चलते रेलवे का ऑपरेटिंग रेश्यो बिगड़ सकता है, जोकि रेलवे के लिए अच्छा संकेत नहीं है.