अलीगढ़ ।   मण्डलायुक्त अजय दीप सिंह ने आज यहां नादा वाजिदपुर में स्थित खेरेश्वर गौशाला एवं नगर निगम द्वारा स्थापित बरौला बाईपास स्थित निराश्रित एवं बेसहारा गौवंश आश्रय स्थलों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान 28 बीघे भूमि पर बनी खेरेश्वर गौशाला में 329 गौवंश मौजूद पाए गये उनके लिये हरे चारे एवं पेयजल की व्यवस्था ठीक पाई गयी। ग्राम प्रधान द्वारा बताया गया कि यहां पर विद्युत कनेक्शन नहीं है, गौशाला का विद्युतिकरण आवश्यक है। उन्होंने यह भी बताया कि गौवंशों की सेवा के लिए 5 व्यक्तियों को रखा गया है। पशु चिकित्सक द्वारा पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण समय-समय पर किया जाता है तत्क्रम में उन्होंने विद्युत विभाग के अधिकारी को निर्देश देते हुए कहा कि यहां पर विद्युत का कनेक्शन एक सप्ताह में करा दिया जाए। गौ रक्षकों को 1000 रूपये का प्रोत्साहन पुरस्कार भी दिया। उन्होंने गौसेवा कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार की मंशा है कि आवारा, निराश्रित गौवंशों के संरक्षण हेतु ग्राम पंचायत स्तर पर गौशालाओं का निर्माण कराया जाए। उन्होंने कहा कि गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए उनके मल-मूत्र से कम्पोस्ट खाद, बायोगैस एवं दुधारों पशुओं का दूध बेचने के प्रयास किये जाने चाहिये। जनपद में अब तक 80 गौशालाएं बन रहीं हैं जिसमें 40 से अधिक पूर्ण हो चुकी हैं और इनमें 10 हजार से अधिक निराश्रित गौवंशों को संरक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सड़कों एवं खेतों में निराश्रित गौवंश घूमते हुए नहीं मिलने चाहिये। उन्होंने ग्राम प्रधान की प्रशंसा करते हुए कहा कि यहां पर अच्छी व्यवस्था की गयी है, गौशाला के कुछ भूभाग में इण्टरलाकिंग, वाटर हार्वेस्टिंग बनाने के साथ-साथ वृक्षारोपण भी किया जाए। उन्होंने कहा कि इस गौशाला की देखभाल के लिए ग्राम प्रधान के अतिरिक्त कमेटी के सदस्य एवं संभ्रात व्यक्ति खुले दिल से गौसेवा के कार्य में आगे आएं और आमजन को भी जागरूक करें। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति गौशाला में रखने के लिए गौवंश लाता है तो उससे दान स्वरूप कुछ धनराशि ली जाए। इस अवसर पर उपनिदेशक समाज कल्याण, संयुक्त निदेशक पशुपालन, गौरक्षक राकेश कुमार आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किये तत्पश्चात नगर निगम द्वारा निर्मित गौवंश आश्रय स्थल बरौला जाफराबाद का जायजा लिया वहां पर कुल 130 गायें पायी गयीं जो एक बीघे क्षेत्रफल में स्थित है। उन्होंने दोनों गौशालाओं में गायों को हरा चारा व आटे की लोई खिलाई एवं वृक्षारोपण करते हुए लोगों से आव्हान किया कि बड़े स्तर पर वृक्षारोपण का कार्य किया जाए ताकि हमारा वातावरण प्रदूषण मुक्त हो सके।