बिलासपुर । खरीफ फसल की बोनी जोरों पर है इसलिए हरि सब्जियों की लोकल आवक कम होने से कीमत आसमान छुने लगी है और टमाटर 40-50 रूपए प्रतिकिलो बिकने लगा है और फिलहाल बढ़ी हुई कीमत से राहत मिलने की संभावना नहीं है। टमाटर के साथ अन्य हरि सब्जियों की कीमत भी 30-40 रूपए से कम नहीं है। जुलाई अगस्त माह में अक्सर सब्जियों की कीमत बढ़ती है क्योंकि अभी जिले के किसान खरीफ फसल में मुख्य रूप से धान की खेती करते है और जिस जमीन पर वे सब्जियों की खेती करते है अधिकांश में अब उन्हें धान की खेती करनी है। ऐसी स्थिति में सब्जियों की लोकल आवक कम हो जाती है। अभी टमाटर 40-50 रूपए प्रतिकिलो बिक रहा है,इसके साथ ही अन्य हरि सब्जियों की कीमत भी आसमान पर है। फिलहाल भाटापारा, पत्थलगांव, कलकत्ता और दक्षिण भारत से टमाटर की ज्यादा आवक हो रही है। वहीं सब्जियों के विक्रेताओं का कहना है कि सब्जियां अभी महंगी ही रहेंगी।
ज्यादातर किसान खूद बेचते है, सब्जियां पहले की आपेक्षा अब ज्यादातर किसान खुद बाजार में बैठकर सब्जियां बेचते है अढ़तियों के पास बेचने की तुलना में किसानों को ज्यादा फायदा कीमत मिल जाती है। मुख्य रूप से घुटकू, निरतू, लोखण्डी व शहर के आसपास के गांवों में हरि सब्जियों की खेती होती है।