अयोध्या । प्रदेष के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि देश के विकास में किसानों की एक बहुत बड़ी भूमिका है। प्रधानमंत्री मोदी ने पांच वर्ष पूर्व कृषि के नए अन्वेषण में कार्य शुरू किया है। पीएम मोदी का लक्ष्य किसानों की आय दोगनी करनी है। उन्होंने किसानों का आह्वान करते हुए बताया कि किसानों के उत्साह वर्धन से ही दलहन मौजूद है और मूल्य नियंत्रित है। उन्होंने कहा कि पीएम ने किसान सम्मान निधि योजना लाकर किसानों का सम्मान बढ़ाया है।
मुख्यमंत्री योगी ने सोमवार को यहां नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कुमारगंज में 26वीं कृषि विज्ञान केंद्रों की वार्षिक क्षेत्रीय कार्यशाला का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उत्तर प्रदेश के 84 कृषि विज्ञान केंद्रों के कृषि वैज्ञानिकों की दो दिवसीय कार्यशाला का उद्घाटन करने पहुंचे मुख्यमंत्री योगी ने सबसे पहले विश्वविद्यालय परिसर स्थित आचार्य नरेंद्र देव की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। इसके उपरांत उन्होंने विश्वविद्यालय स्थित नरेंद्र उद्यान पौधरोपण महाकुंभ 2019 के अंतर्गत पौधरोपण किया। इस दौरान उन्होंने मंडी परिषद द्वारा वित्त पोषित 100 छात्रों की क्षमता वाले छात्रावास का भी शिलान्यास किया। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर जे संधू की महत्वाकांक्षी योजना के तहत विश्वविद्यालय परिसर में स्थापित 750 किलो वाट क्षमता के ग्रिड कनेक्टेड रूफटॉप सोलर सिस्टम का भी लोकार्पण किया। कार्यशाला के उद्घाटन सत्र के दौरान मुख्यमंत्री योगी ने प्रकाशित नई पत्रिका कृषि शोध दर्पण का विमोचन भी किया। 
अपने सम्बोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार बनने के बाद मेरे द्वारा पहली ही बैठक में प्रदेश में 20 कृषि विज्ञान केंद्रों को खोलने की सहमति दी गई है। भारत को दुनिया मे आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिये प्रधानमंत्री मोदी जी प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत को मजबूत बनाने में सभी का सहयोग चाहिए चाहे वो राज्य हो या जिला। अकेला उत्तर प्रदेश पूरे देश का पेट भरने की क्षमता रखता है। उन्होंने कहा कि सिद्धार्थनगर काला नमक चावल की भूमि है। मुज्जफरनगर में गुड़ की 108 वैरायटी तैयार की गई है। साथ ही यूपी में दलहन तिलहन की भी अपार संभावनाएं हैं। ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ में पारंपरिक प्रोडक्ट है। उन्होंने कहा कि भारत के पास दुनिया का नेतृत्व करने की क्षमता है। चार लाख से अधिक प्रदेश में गौ आश्रय स्थापित किए गए हैं जिनके गोबर को कंपोस्ट खाद के रूप में तैयार करेंगे। इसमें कृषि विष्व विद्यालय की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।