रांची: झारखंड उच्च न्यायालय ने सोमवार को राज्य सरकार से 17 जून को सरायकेला-खरसावां जिले में तबरेज अंसारी की भीड़ द्वारा हत्या (मॉब लिंचिंग) कर दिए जाने के मामले में और घटना के विरोध में एक प्रदर्शन के दौरान रांची में हुई हिंसा पर रिपोर्ट मांगी है. न्यायाधीश एच.सी. मिश्रा और न्यायाधीश दीपक रोशन की एक खंडपीठ ने पंकज यादव की जनहित याचिका पर यह जवाब मांगा है.

पीठ ने राज्य सरकार से एक हफ्ते में जवाब देने को कहा है. मामले मेंअगली सुनवाई 15 जुलाई को होनी है. अंसारी को बाइक चोरी के शक में एक भीड़ द्वारा बर्बर तरीके से पीटा गया था. उन्हें 'जय श्री राम' बोलने पर मजबूर किया गया था. पुलिस की हिरासत में पांच दिन रहने के बाद उन्होंने दम तोड़ दिया था. इस मामले में ग्यारह लोग गिरफ्तार हुए हैं.

इस घटना के विरोध में हजारों की संख्या में मुसलमान जिला प्रशासन के अधिकारियों की अनुमति के बिना पांच जुलाई को राज्य की राजधानी रांची की सड़कों पर उतर आए थे.


कुछ देर बाद प्रदर्शन ने हिंसा का रूप ले लिया. प्रदर्शनकारियों ने वाहनों में तोड़फोड़ की और एक स्कूल बस को आग के हवाले करने का प्रयत्न किया. 

प्रदर्शनकारियों ने एक व्यक्ति को चाकू मार दिया और दूसरे की बेरहमी से पिटाई की. पुलिस के पास घटना के दौरान की सीसीटीवी फुटेज होने के बावजूद अभी तक मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है.