लाहौर । आर्थिक बदहाली से जूझने के बावजूद पाकिस्तान अपनी सशस्त्र सेनाओं को निरंतर मजबूत करने के साथ-साथ परमाणु हथियारों तथा मिसाइलों के जखीरे को बढ़ाने में लगा है। रक्षा मंत्रालय की वर्ष 2018-19 के लिए जारी वार्षिक रिपोर्ट में सुरक्षा परिदृश्य अध्याय में पाकिस्तान की स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कहा गया है कि समावेशी और संतुलित आर्थिक विकास न होने के कारण वहां राजनैतिक स्थिति लगातार चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। गत वर्ष चुनाव के बाद इमरान खान सरकार के सत्ता में आने के बाद पाकिस्तानी सेना का देश की विदेश, सुरक्षा और रक्षा नीति के मामले में वर्चस्व बढ़ा है। पड़ोसी देशों के साथ सुरक्षा संबंधी परिदृश्य की समीक्षा करते हुए रिपोर्ट में यह बात प्रमुखता के साथ कही गयी है कि पाकिस्तान अपनी सशस्त्र सेनाओं को लगातार मजबूत करने में लगा है। खस्ता आर्थिक हालत के बावजूद वह विशेष रूप से परमाणु हथियारों के जखीरे को बढ़ा रहा है और साथ ही मिसाइलों की क्षमता बढ़ाने में भी लगा है। अंतर्राष्ट्रीय अनुमानों के अनुसार पाकिस्तान के पास 140 से 150 परमाणु हथियार हैं, जबकि भारत के पास 130 से 140 परमाणु हथियार हैं। यदि पाकिस्तान इस रफ्तार से परमाणु हथियारों के जखीरे को बढ़ाता रहा तो वर्ष 2025 तक उसके पास लगभग 250 परमाणु हथियार हो जाएंगे।