इस्लामाबाद । चुनाव प्रचार के दौरान वीवीआईपी कल्चर को हटने की बात कहने वाले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की सरकार ने वीवीआईपी संस्कृति का एक नया मानक गढ़ दिया है। वीवीआईपी कल्चर के विरोध के साथ सत्ता में आई इमरान सरकार ने राजधानी इस्लामाबाद में मंत्रालय में इसतरह का 'वीवीआईपी बाथरूम' बनवाए हैं जिनका इस्तेमाल केवल अतिरिक्त सचिव या इससे ऊपर की रैंक का कोई अफसर ही कर सकेगा। एक रिपोर्ट में बताया कि उद्योग व उत्पादन मंत्रालय में बने इन टॉयलेट का 'दुरुपयोग' न हो, इस सुनिश्चित करने के लिए बकायदा इनके बाहर बॉयोमेट्रिक पहचान मशीन लगाई गई हैं। सूत्रों ने बताया कि इनका इस्तेमाल उद्योग व उत्पादन मंत्रालय में केवल अतिरिक्त सचिव या इससे ऊपर की रैंक का कोई अफसर ही कर सकेगा। लेकिन,इसके साथ यह छूट दी गई है कि किसी अन्य मंत्रालय का भी अतिरिक्त सचिव या इससे ऊपर की रैंक का कोई अफसर भी इनका इस्तेमाल कर सकेगा। ऐसा इसलिए किया गया है कि अन्य मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारी उद्योग व उत्पादन मंत्रालय में बैठक या अन्य काम के लिए आ सकते हैं और उन्हें टॉयलेट जाने की जरूरत हो सकती है। अखबार ने रिपोर्ट में कहा कि सूत्रों के मुताबिक, एक तरफ वीवीआई बाथरूम बने हैं और दूसरी तरफ मंत्रालय के अन्य बाथरूम में स्टॉफ के लिए साबुन जैसी बुनियादी चीज तक नहीं मिलती।