जगदलपुर । जगदलपुर शहर से लगे परपा के प्रगतिशील किसान गोपाल बघेल की मुश्किल को पेडी ट्रांस्प्लांटर ने हल कर दिया है। श्री गोपाल ने बताया कि वह अपनी 15 एकड़ जमीन में बारिश के दौरान धान के साथ मक्का, उड़द और साग सब्जियों की खेती करता है वहीं रबी सीजन के दौरान भी गेहूं, चना, मटर, मक्का आदि की फसलें लेता है। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ वर्षों से खेती-किसानी के लिए मजदूरों की कमी देखी जा रही है। खास तौर पर धान की रोपाई के समय यह समस्या और भी बढ़ जाती है। अपने खेतों में जल्दी रोपाई के लिए ज्यादा देने पर भी मजदूर नहीं मिलते और समय पर रोपाई नहीं हो पाती है। 
पिछले कुछ सालों से इस समस्या से उनका लगातार सामना हुआ, तब उन्होंने पिछले साल मारकेल  के एक किसान से किराए में पेडी ट्रांसप्लांटर लाकर अपने खेतों में धान की रोपाई करवाई थी। श्री गोपाल को यह तकनीक बहुत ही अच्छी लगी और उन्होंने खुद का पेडी ट्रांसप्लांटर खरीदने का मन बनाया। कृषि विभाग के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी श्री मनीष श्रीवास्तव से सम्पर्क करने पर उनकी यह समस्या हल हो गई। उन्होंने अपना स्वयं का नया पेडी ट्रांसप्लांटर और रीपर जगदलपुर से खरीद लिया। इन दोनों यंत्रों की कुल लागत 2 लाख 40 हजार रुपए थी। विशेष केन्द्रीय सहायता योजना से अनुदान मिलने के कारण उन्हें यह दोनों संयंत्र मात्र 76 हजार रुपए में मिल गए।  खेती-किसानी में उनकी मदद करने वाले उनके दोनों बेटे अभिषेक और अभिजीत खुद ही इसे चलाते हैं और उन्हें भी यह बहुत ही आसान लगता है। श्री गोपाल बघेल कहते हैं कि पेडी ट्रांसप्लांटर से उनका समय और धन दोनों बच रहा है। पहले एक एकड़ खेत की रोपाई के लिए लगभग तीन हजार रुपए का खर्च आता था, जो अब घटकर मात्र लगभग 800 रुपए रह गया है। इस मशीन से रोपाई के लिए उन्हें मात्र दो लोगों की जरुरत होती है, जिसके कारण उन्हें मजदूरों से मिन्नतें भी नहीं करनी पड़ती है। उन्होंने बताया कि इस यंत्र से की जाने वाली रोपाई के फायदे देखकर दूसरे किसान भी प्रभावित हो रहे हैं और किराए पर मांग होने लगी है।