हाईकोर्ट ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए आयुष्मान भारत योजना के एसीईओ की नियुक्ति पर रोक लगा दी है. कोर्ट के आदेश में कहा गया कि हाईकोर्ट की अनुमति के बगैर ज्वाइनिंग नहीं होगी. राज्य शासन और नियुक्त अधिकारी को नोटिस जारी कर तीन सप्ताह के भीतर जवाब मांगा भी मांगा गया है.

ये है पूरा मामला

आयुष्मान भारत योजना के तहत राज्य नोडल एजेंसी में 11 जून 2019 को विजेंद्र कटरे की नियुक्ति की गई. अनिवार्य शैक्षणिक योग्यता और अनुभव नहीं होने के बावजूद की गई नियुक्ति को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता उचित शर्मा ने शिकायत भी की थी, लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई. उचित शर्मा ने एडवोकेट विकास दुबे के जरिए हाईकोर्ट में अधिकार पृच्छा याचिका प्रस्तुत की है.

इस याचिका में बताया गया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत एडिशनल सीईओ के पद पर नियुक्ति के लिए एमबीबीएस और एमडी (कम्युनिटी मेडिसिन) की डिग्री होना अनिवार्य है. एमबीबीएस होने के साथ ही पब्लिक हैल्थ मैनेजमेंट में 10 साल का अनुभव होना चाहिए. कटरे के पास डेयरी टेक्नाेलॉजी में ग्रेजुएशन की योग्यता है. राज्य शासन ने नियमों की अनदेखी करते हुए उनकी नियुक्ति कर दी है. याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस पी सैम कोशी की बेंच ने कटरे की ज्वाइनिंग पर रोक लगा दी है.