रायपुर। प्रदेश कांग्रेस की दो महत्वपूर्ण बैठकें प्रदेश मुख्यालय राजीव भवन में संपन्न हुई। पहली बैठक प्रदेश कार्यकारणी की हुई। दूसरी बैठक जिला एवं ब्लाक कांग्रेस अध्यक्षों, प्रदेश पदाधिकारियों, मोर्चा संगठन प्रकोष्ठ विभाग के अध्यक्षों की हुई।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने संबोधन में कहा कि कांग्रेस सरकार ने अपने 6 महिने के कार्यकाल में जनता को राहत देने वाले बड़े फैसले लिये है। हमारे कामों को वित्त आयोग और नीति आयोग ने भी सराहा है। 6 माह में कांग्रेस की सरकार ने ऐसा कोई काम नहीं किया जिससे कार्यकर्ता को सिर छुपाने की नौबत आये। सरकार के फैसलों को आप जनता के सामने गर्व से बता सकते है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने बैठक को संबोधित करते हुये कहा कि संगठन के एक-एक पदाधिकारी और कार्यकर्ता की जवाबदारी है कि वह कांग्रेस सरकार के द्वारा लिये गये निर्णयों और जनहित के फैसलों को जनता तक पहुंचाये। आने वाले विधानसभा के उपचुनावों और नगरीय निकाय चुनावों में एक बार फिर से हमें कांग्रेस का परचम फहराना है।
कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे ने अपने उद्बोधन में कहा कि पहली बार ऐसा हुआ कि किसी सरकार ने अपने बजट के बड़े हिस्से को ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिये किसानों के ऊपर खर्च किया।
वनमंत्री मोहम्मद अकबर ने सरकार की योजनाओं और निर्णयों की विस्तृत जानकारी कांग्रेस के पदाधिकारियों को दिया।
मुख्यमंत्री के कृषि सलाहकार प्रदीप शर्मा ने राज्य सरकार की महत्वकांक्षी योजना नरवा, गरूवा, घुरवा, बारी के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुये बताया कि इस योजना से छत्तीसगढ़ की ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होने के साथ हमारे प्राकृतिक और नैसर्गिक संसाधनों का संरक्षण होगा तथा रोजगार के नये अवसर पैदा होंगे।
तीन महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित 
पहला प्रस्ताव महामंत्री रमेश वर्ल्यानी ने रखा। प्रस्ताव में कहा गया है कि प्रदेश में 15 वर्षो तक डॉ. रमन सिंह की भाजपा सरकार ने छत्तीसगढ़ में चल रही लाठी गोली, भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी के वातावरण से सभी भली-भांति अवगत है। कांग्रेस की सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में आज छत्तीसगढ़ में वातावरण बेहतर हुआ है और प्रदेश विकास और शांति के रास्ते पर चहुंमुखी प्रगति की आगे बढ़ रहा है। पूर्व भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार एवं कमीशनखोरी पर रोक एवं मामलों की जांच को चुनाव में मुद्दा बनाकर कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव लड़े और तीन चौथाई बहुमत प्राप्त किया।
छत्तीसगढ़ कांग्रेस की कार्यकारणी कांग्रेस सरकार द्वारा इस दिशा में की जा रही कार्यवाही के प्रतिपूर्ण विश्वास व्यक्त करते हुये समर्थन व्यक्त करती है। जिसे कार्यसमिति के सदस्यों ने सर्वसम्मति से समर्थन किया। दूसरा प्रस्ताव पदमा मनहर ने रखा। इस प्रस्ताव में कहा गया है कि छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माताओं ने एक समृद्ध शांतिपूर्ण और स्वाभिमानी छत्तीसगढ़ का सपना देखा था। 2018 के विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस की सरकार इस दिशा में तेजी से काम कर रही है। नरवा, गरूवा, घुरवा, बाड़ी जैसे क्रांतिकारी कार्यक्रम किसानों का कर्जा माफ 2500 रू. प्रति क्विंटल में धान की खरीदी, 400 यूनिट बिजली बिल आधा, भूमिहिनों का पट्टा, युवाओं को रोजगार के लिये विभिन्न पदों में भर्ती, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना में 25000 रू., आदिवासियों की जमीन वापसी, वन अधिकार, बस्तर, सरगुजा एवं मध्य क्षेत्र के विकास प्राधिकरण का गठन कर स्थानीय आदिवासी विधायकों को प्रतिनिधित्व, जन्म के साथ जाति प्रमाण पत्र, हरेली, तीजा, कर्मा जयंती में छुट्टी, गाईडलाइन रेट में 30 प्रतिशत कटौती (गुमाशता लाइसेंस के हर वर्ष नवीनीकरण से मुक्ति), छोटे प्लाटो की रजिस्ट्री, सभी परिवारों को न्यूनतम 35 किलो चावल, आदिवासियों की जमीन खरीदी, 4000 रू. में तेंदूपत्ता की खरीदी जैसे फैसलों से छत्तीसगढ़ के मजदूर, किसान, व्यापारी, कर्मचारी सभी वर्गो को राहत दी गयी है और छत्तीसगढ़ के भूपेश बघेल जी की नेतृत्व वाली सरकार समाज के सभी वर्गो के हित में अच्छा काम कर रही है। हम कांग्रेस के सभी कार्यकर्ता कांग्रेस सरकार के जनहितकारी कार्यक्रम को जन-जन तक पहुंचाने के कार्य में जुट जाने और कांग्रेस पार्टी को और मजबूत बनाने का संकल्प लेते है।

निन्दा-प्रस्ताव प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री शैलेश नितिन त्रिवेदी ने रखा। जिसमें कहा गया है कि उत्तरप्रदेश में आदिवासी समाज के सामूहिक नरसंहार की घटना की छत्तीसगढ़ कांग्रेस कड़ी निंदा करती है। घटना की जानकारी मिलने पर और पीड़ित परिवारों से मिलने जा रही कांग्रेस महासचिव और उत्तरप्रदेश की प्रभारी श्रीमती प्रियंका गांधी को गिरफ्तार किया गया। भाजपा सरकार और मोदी-शाह-योगी के प्रति बढ़ती नाराजगी और जनाक्रोश का कारण बनी उत्तरप्रदेश की नरसंहार की घटना की कड़ी निंदा करती है। कांग्रेस उत्तरप्रदेश के पीड़ित परिवारों के साथ अपनी एकजुटता व्यक्त करती है। प्रियंका जी द्वारा दृढ़ता साहस और निर्भीकता न्यायप्रियता के साथ आदिवासी परिवारों के साथ हुये अत्याचार व नरसंहार के विरूद्ध प्रियंका गांधी की उक्त कदम का छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी समर्थन करती है।
बैठक का संचालन प्रभारी महामंत्री गिरीश देवांगन ने किया तथा महामंत्री महेन्द्र छाबड़ा और महामंत्री अटल श्रीवास्तव ने कार्यकारणी द्वारा पारित प्रस्ताव का पठन कर उसकी जानकारी उपस्थित पदाधिकारियों को दी।
बैठक में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम, मंत्रीगण रविन्द्र चौबे, डॉ. प्रेमसाय सिंह, मोहम्मद अकबर, कवासी लखमा, गुरू रूद्र कुमार, पूर्व मंत्री गंगा ठाकुर पोटाई, उपाध्यक्षगण बोधराम कंवर, बी.डी. कुरैशी, गुरूमुख सिंह होरा, भोला राम साहू, बैजनाथ चंद्राकर, शांति सलाम, पी.आर. खुंटे, अजय अग्रवाल, महामंत्रीगण गिरीश देवांगन, शैलेश नितिन त्रिवेदी, राजेश तिवारी, सुभाष शर्मा, महेन्द्र छाबड़ा, मलकीत सिंह गैंदू, रमेश वर्ल्यानी, अरूण भद्रा, सूर्यमणी मिश्रा अटल श्रीवास्तव, कल्पना पटेल, शशिकांता राठौर, पदमा मनहर, उत्तम वासुदेव, सीजू एंथोनी, शंकर लाल ताम्रकार, दीपक दुबे, मुख्य प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला, प्रवक्तागण घनश्याम राजू तिवारी, धनंजय सिंह ठाकुर, एम.ए. इकबाल, देवेन्द्र बहादुर सिंह, प्रतिमा चंद्राकर, कैलाश पोयाम, कृष्ण कुमार यादव, राजकुमारी दीवान, प्रदेश सचिव शिवसिंह ठाकुर, अजय साहू, सन्नी अग्रवाल, चंद्रवती साहू, नीता लोधी, विभा साहू, आरती सिंह, विवेक वासनिक, मनीष ठाकुर, अमित श्रीवास्तव, विरेन्द्र कोसरिया, शशि सिंह, मंजूलता आनंद, विधायक विक्रम मंडावी, शिशुपाल सोरी, पूर्व विधायक तेजकुंवर नेताम, युवा कांग्रेस अध्यक्ष पूर्णचंद पाढ़ी, एनएसयुआई अध्यक्ष आकाश शर्मा, प्रदेश कांग्रेस सेवादल प्रमुख अरूण ताम्रकार, विचार विभाग अध्यक्ष हसन खान, जिला कांग्रेस अध्यक्ष गिरीश दुबे, करण सिंहदेव, राजकिशोर प्रसाद, इंदरचंद धाड़ीवाल, मदन तालेड़ा, अमित पांडेय, गुरू खुशवंत साहेब, सत्येन्द्र वर्मा, मनोरा लकड़ा, सुंदरलाल शर्मा उपस्थित थे।
प्रदेश कांग्रेस पदाधिकारी, जिला एवं ब्लाक कांग्रेस कमेटी तथा मोर्चा संगठन-प्रकोष्ठ एवं विभाग के अध्यक्षगण उपस्थित थे।
बैठक के अंत में पूर्व मुख्यमंत्री एवं दिल्ली की प्रदेश अध्यक्ष शीला दीक्षित को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गयी।