रायपुर। कृषि मंत्री  रविन्द्र चौबे ने आज कृषि महाविद्यालय, रायपुर के सभागार में कृषक समृद्धि किसान सम्मान समारोह को संबोधित किया। श्री चौबे ने कहा कि छत्तीसगढ़ का मेहनतकश किसान अपना सारा जीवन मौसम की सारी प्रतिकूलताओं से संघर्ष करते हुए दूसरों का पेट भरने में समर्पित कर देता है। स्वयं किसान होने के करण मैं इनके दर्द को अच्छी तरह समझ सकता हूँ। माटी के इन सपूतों का सम्मान एक बहुत ही पुनीत कार्य है। ये मेहनतकश किसान सम्मान के वास्तविक हकदार हैं और इनके सम्मान से एक नयी स्वस्थ परंपरा की शुरूआत हुई है। किसानों का सम्मान करते हुए मैं स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं। श्री चौबे ने इस अवसर पर इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय एवं कामधेनु विश्वविद्यालय एवं कृषि, उद्यानिकी एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों से किसानों तक कृषि अनुसंधानों एवं शासकीय योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ पहुंचाने का आव्हान किया। उन्होंने किसानों का सम्मान करने के लिए कृषक समृद्धि पत्रिका समूह को बधाई और शुभकामनाएं दी। समारोह की अध्यक्षता इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एस.के. पाटील ने की।
    कृषि मंत्री ने इस अवसर पर कहा कि हमारे पुरखों ने छत्तीसगढ़ राज्य की परिकल्पना एक कृषि प्रधान राज्य के रूप में की थी। मौसम की प्रतिकूलताओं तथा बाजारवाद के चलते किसानों की हालत बहुत अच्छी नहीं है लेकिन हमारी सरकार ने किसानों की बेहतरी के लिए हरसंभव प्रयास किया है। उनके पुराने कृषि ऋिण माफ करने के साथ ही धान का समर्थन मूल्य 25 सौ रूपये प्रति क्विंटल करते हुए उनकी उपज का हर एक दाना क्रय किया गया। नरवा, गरूआ, घुरवा और बाड़ी योजना का क्रियान्वयन करते हुए नदी-नालों का संरक्षण तथा गौठानों का निर्माण किया जा रहा है। राज्य सरकार ने किसानों के लिए खाद बीज की पुख्ता व्यवस्था की है। नकली खाद एवं दवाई विक्रेताओं पर सरकार लगातार कार्यवाही कर रही है। राज्य में अल्प वर्षा की स्थिति को देखते हुए सूखे से निबटने के लिए कार्ययोजना तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने खेती-किसानी की लागत कम करना जरूरी है। इसके लिए कृषि क्षेत्र में नये-नये प्रयोग, शोध और अनुसंधान की नई परम्परा शुरू हो गई है। छत्तीसगढ़ के किसानों को भी नये प्रयोगों और अनुसंधानों का फायदा मिलेगा। 
कृषि मंत्री श्री चौबे ने समारोह में कृषक समृद्धि पत्रिका की ओर से प्रदेश के 150 प्रगतिशील किसानों को शॉल और श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया। इनमें कृषि, पशुपालन, मछलीपालन और बागवानी के किसान शामिल थे। कृषि विकास के क्षेत्र में विशेष रूप से कार्य करने वाले 25 कृषि वैज्ञानिकों और विभागीय अधिकारियों को भी समारोह में सम्मानित किया गया। कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन और मछलीपालन विभाग के अधिकारियों और कृषि वैज्ञानिकों को लाईफ टाईम एचीवमेंट एवार्ड भी दिया गया जिनमें छत्तीसगढ़ कामधेनु विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एन.बी. दक्षिणकर, संचालक उद्यानिकी डॉ. प्रभाकर सिंह, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के संचालक अनुसंधान डॉ. आर.के. बाजपेयी और अपर संचालक कृषि ए.बी. आसना, मण्डी बोर्ड के अतिरिक्त अपर संचालक श्री एम.एस. सवन्नी, कृषि महाविद्यालय राजनांदगांव के अधिषठाता डॉ. एम.एल. शर्मा, कामधेनु विश्वविद्यालय के सहायक पशु चिकित्सक डॉ मौसम मेहरा तथा उप-संचालक मत्स्य श्री राजेश चौधरी शामिल हैं। अतिथियों द्वारा इस अवसर पर कृषक समृद्धि स्मारिका का विमोचन भी किया गया। इस अवसर पर कृषि विभाग द्वारा प्रकाशित देसी पाठ्यक्रम की पुस्तक का भी विमोचन किया गया। उल्लेखनीय है कि कृषक समृद्धि पत्रिका द्वारा वर्ष 2006 से राज्य के प्रगतिशील किसानों, कृषि वैज्ञानिकों एवं कृषि तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों का सम्मान किया जा रहा है। कार्यक्रम में कृषि महाविद्यालय रायपुर के अधिष्ठाता डॉ. एस.एस. राव, अपर संचालक कृषि श्री एम.एस. केरकेट्टा कृषक समृद्धि पत्रिका के प्रधान संपादक श्री अनिल श्रीवास्तव सहित कृषि विश्वविद्यालय, कामधेनु विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक तथा कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन एवं मत्स्य विभाग के अनेक अधिकारी उपस्थित थे। इस अवसर पर प्रदेश के सभी जिलों से बड़ी संख्या में किसान भी शामिल हुए।