रायपुर। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष नंदकुमार साय ने राज्य पुलिस अकादमी चंदखुरी में आज एक दिवसीय अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम विषय पर कार्यशाला का उद्घाटन किया। कार्यशाला में प्रदेश के सभी जिलों से आये उप निरीक्षक स्तर से उप पुलिस अधीक्षक स्तर के पुलिस अधिकारियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। उद्घाटन सत्र में आयोग के अध्यक्ष श्री साय ने पुलिस कर्तव्य के निर्वहन हेतु उत्तम स्वास्थ्य की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले प्रशिक्षु अधिकारियों को संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि पुलिस को बल से नहीं शांत मन से कार्य की प्रकृति को देखकर निर्णायक कदम उठाना चाहिए। उन्होंने छ.ग. के परिप्रेक्ष्य में बच्चों की प्राथमिक शिक्षा पर जोर देने की भी बात कही तथा अनुसूचित जनजाति के सदस्यों की संस्कृति, बोल-चाल भाषा, संवेदनाएं एवं समाज में उनकी भूमिका पर सारगर्भित संदेश प्रतिभागियों को दिया।पुलिस अधीक्षक रेल, श्रीमती मिलना कुर्रे ने नवीनतम न्यायिक घोषणाएं, एन.एच.आर.सी. के कार्य, राहत और पुनर्वास के लिए भारत सरकार द्वारा जारी किए गए विभिन्न नियमों एवं अधिसूचनाओं के बारे में जानकारी दी। अकादमी के सहायक लोक अभियोजन अधिकारी श्री संतोष राय ने विशेष प्रावधान, सामूहिक जुर्माना, विशेष अदालत, एस.सी., एस.टी. एक्ट के प्रावधान के तहत विशेष अधिकारियों द्वारा विवेचना आदि संबंध में व्याख्यान दिया तथा लोक अभियोजन अधिकारी श्री एस.के. श्रीवासन ने एस.सी., एस.टी. एक्ट के अनुसार मुआवजा तथा केस स्टडी के साथ पुलिस की भूमिका पर सारगर्भित व्याख्यान दिए।