नई दिल्ली: हमारे आसपास ही कई प्रतिभाएं छुपी हैं, एक प्लेटफॉर्म की कमी के कारण ये छुपी प्रतिभाएं बाहर नहीं आ पाती, लेकिन रतलाम के मुस्लिम मीर समाज के आबिद हुसैन ऐसी छुपी सुरीली प्रतिभाओं को अपनी आवाज लोगों तक पहुंचाने का मौका देते हैं. आबिद हुसैन के इसी मंच से रतलाम की बेटी को मिला राष्ट्रीय स्तर पर गाने का मौका और अब जल्द ही अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विदेशों में भी रतलाम की रुद्राणी की आवाज़ गूंजेगी. 

रतलाम के आबिद हुसैन ऐसे शख्स हैं जो हैसियत में भले बड़े नहीं लेकिन शख्सियत कमाल की हैं. रेलवे विभाग में अधिकारी की गाड़ी के ड्राइवर की पोस्ट पर काबिज आबिद हुसैन छिपी हुई प्रतिभाओं को मंच देकर उन्हें मुकम्मल जगह देने का काम करते हैं. मीर समाज के अध्यक्ष आबिद हुसैन हर साल मोहम्मद रफी की याद में कार्यक्रम आयोजित करते हैं और इस आयोजन में आबिद हुसैन रतलाम की निम्न स्तर परिवार की ऐसी प्रतिभाओं को आगे लाने का काम करते हैं, जिनकी प्रतिभा, सही मुकाम न मिल पाने के कारण बाहर नहीं  आ पातीं और अच्छे कलाकार होने के बाद भी प्रतिभा दबी रह जाती है. 
समाज सेवी आबिद हुसैन की यह पहल भी अब रंग लाने लगी है. उनके इस आयोजन से उभरी रतलाम की एक 8 वर्षीय सुरीली गायिका रुद्राणी तांडेल को राष्ट्रीय स्तर का मंच मिला और इस मंच से अपनी सुरीली आवाज का जादू बिखेर कर रतलाम की 8 वर्षीय रुद्राणी तांडेल अब विदेशों में अपना नाम रोशन करेगी. दरसल रतलाम की रुद्राणी तांडेल का अंतर्राष्ट्रीय गायन प्रतियोगिता में चयन हुआ है और बहुत जल्द वह भूटान में अपनी गायिकी से भारत का नाम रोशन करेगी. 
अपनी आवाज से आज अपनी पहचान बनाने वाली रतलाम की बेटी रुद्राणी तांडेल भी आज इस मंच से काफी खुश है और मोहम्मद रफी की याद में रखे गए इस आयोजन में अपने सुरीली आवाज का जादू बिखेरती हैं. रुद्राणी बताती है कि आबिद हुसैन के इस मंच से उसे आगे जाने का मौका मिला. ऐसा नहीं है कि समाज सेवी आबिद हुसैन के कारनामे से कोई वाकिफ नहीं बल्कि सरकारी अधिकारी भी आबिद हुसैन के समाज सेवा के कायल है और उनकी तारीफ करते नहीं थकते.  
बड़ी सराहनीय पहल 
रतलाम के एसडीएम लक्ष्मी गामड़ भी गायक कलाकार आबिद हुसैन की इस पहल से काफी खुश हैं. गायक कलाकारों का मानना है कि आज के समय में जब संगीत एक अलग मकाम पर है ऐसे में मोहम्मद रफी जैसे गायक कलाकार की याद में आयोजन कर उनके गीत से नए कलाकार उभार कर बाहर लाना बड़ी सराहनीय पहल है. गायक कलाकार कायल है आबिद हुसैन के इस समाज सेवा से गायक कलाकार भी काफी खुश है. गायक कलाकार मोहम्मद सलीम कहते है कि जहां मुर्गा बाग न दे क्या वहा सुबह नहीं होती, मतलब वक्त  किसी के लिये नहीं रुकता है. सवेरा होकर रहता है  इसलिए जिंदगी में शख्सियत बनने के लिए हैसियत का मोहताज नहीं होना चाहिए. हम किसी भी तरीके से  मददगार बने ऐसी भी तो शख्सियत होती है दुनिया मे , और इसका उदाहरण है रेलवे विभाग में ड्राइवर के पद पर काम करने वाले आबिद हुसैन.