भोपाल। मध्यप्रदेश के पॉलिथिन व्यापारी विभिन्न जिलों से कॉपिस्ट के अध्यक्ष गोविंद गोयल के घर एकत्रित हुए। इसमें भोपाल, जबलपुर, रतलाम, कटनी, इंदौर, उज्जैन, सीहोर, होशंगाबाद आदि जिलों के पॉलिथिन के व्यवसायिक संगठनों के पदाधिकारियों एवं व्यापारियों ने भाग लिया। 
कॉपिस्ट के अध्यक्ष गोविंद गोयल के आग्रह पर मुख्यमंत्री कमलनाथ ने व्यापारियों की मीटिंग में भाग लिया एवं संबोधित किया। इस अवसर पर कॉम्पिस्ट के द्वारा एक ज्ञापन मुख्यमंत्री को दिया एवं गोविंद गोयल ने चर्चा के दौरान मुख्यमंत्रीजी से कहा कि छोटे-मध्यम व्यापारी जिनकी संख्या म.प्र. में करीब 18 से 20 हजार है । इस व्यवसाय में व्यापारी-हॉकर के रूप में जुड़े है। छोटे-मध्यम व्यापारियों को  पॉलिथिन के उपयोग पर प्रतिवंध है जबकि बड़ी कंपनिया जो पॉलिथिन के मटेरियल यूज करती है उन्हें उपयोग करने की पूरी छूट है। इसलिए छोटे-मध्यम व्यापारी को इसके उपयोग में शासकीय अधिकरियों द्वारा मन माने ढंग से कानून का उपयोग कर परेशान किया जाता है । साधारण पॉलिथिन रिसायकिल होकर उनका दाना बनाकर फिर से उपयोग में लाई जा सकती है जिससे मग, गिलास, टब, थैली, आदि बन सकती है ।जबकि बड़ी एवं मध्यम कंपनी के द्वारा उपयोग में लाई गई पॉलिथिन लेमीनेटेड भी होती है, एवं पॉलीथिन एल्यूमीनियम कोटेड भी होती है । एल्युमीनियम कोटेड पॉलिथीन अधिकतर रिसायकल हो ही नहीं सकती, ऐसी परिस्थिति में छोटे-मध्यम व्यापारी को आपका संरक्षण एवं सहयोग अत्यंत आवश्यक एवं जरूरी है। 
चूंकि निर्माता जो माल पैक करता है वह कोई भी मटेरियल, उपयोग में ला सकता है लेकिन विक्रेता के लिए, कई तरह की पाबंदी है। व्यापारियों ने कहा कि सरकार ने अपने हिसाब से बनाए हुए अधिकारियों के कानून है। मुख्यमंत्री जी ने इस मामले पर गहन ध्यान दे समस्या के निवारण करने का विश्वास प्रकट किया।  जिससे मध्यप्रदेश के पॉलिथिन व्यापार करने वाले व्यक्ति एवं 90 प्रतिशत से ज्यादा छोटे-मध्यम दुकानदारों को सुविधा होगी। मुख्यमंत्री कमलनाथ के उद्बोधन से व्यापारियों में उल्लास एवं आशा की लहर आई।