मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने भविष्य में बढ़ती आबादी के अनुसार शहरों की व्यवस्थित बसाहट के लिए प्रस्तावित शहरी विकास संस्थान को उत्कृष्ट संस्थान के रूप में स्थापित करने को कहा है। मुख्यमंत्री ने आज मंत्रालय में शहरी विकास संस्थान की रूपरेखा बनाने के लिए गठित समिति द्वारा तैयार प्रस्तुतिकरण देखा। बैठक में नगरीय विकास मंत्री श्री जयवर्धन सिंह भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि शहरों का विकास भविष्य की जरूरत और आबादी के हिसाब से योजनाबद्ध तरीके से हो। इसके लिए इस क्षेत्र में दक्षता की जरूरत है। उन्होंने कहा कि इसी बात को दृष्टिगत रखते हुए शहरी विकास संस्थान की कल्पना की गई है। उन्होंने कहा कि संस्थान का गठन इस प्रकार हो कि वह शहरी विकास का बेहतर नियोजन करने के साथ ही पूरे देश में एक उदाहरण बने।

शहरी विकास संस्थान की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए प्रदेश के रेरा अध्यक्ष श्री अंटोनी डिसा ने कहा कि यह संस्थान एक स्वतंत्र, सशक्त और स्वशासी संस्थान होगा। इसमें सरकार, समुदाय और शहरी विकास के नियोजन के क्षेत्र में विशेषज्ञ को साथी बनाकर इसे एक उत्कृष्ट संस्थान के रूप में विकसित किया जाएगा।

बैठक में मुख्य सचिव श्री एस.आर. मोहंती, अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान के महानिदेशक श्री आर.परशुराम , स्कूल ऑफ आर्किटेक्ट एंड प्लानिंग के डायरेक्टर श्री श्रीधरन एवं सुश्री सुनाली रोहिला उपस्थित थीं।