इन्दौर । मध्य प्रदेश उच्च शिक्षा, युवा कल्याण, खेल मंत्री जीतू पटवारी ने मध्य प्रदेश में अफोर्डेबल एजुकेशन को बढ़ाबा देने तथा शिक्षा का लाभ सभी व्यक्तियों तक पहुँचाने के लिए शिक्षा के क्षेत्र में निजी भागीदारी को बढ़ाने के आवाहन किया।  प्रेस्टीज इंस्टिट्यूट ऑफ़ इंजीनियरिंग एंड मैनेजमेंट संस्थान   बी टेक, डिप्लोमा, पीजीडीएम एवं एम टेक प्रथम वर्ष के छात्रों के 11वे  अभियांत्रिकी दिक्षारम्भ कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए पटवारी ने कहा कि मध्य प्रदेश शासन एवं प्रदेश के मुख्य मंत्री कमलनाथ जी की यह मंशा है कि मध्य प्रदेश में शिक्षा को जन जन तक पहुंचाने के लिए आवश्यक है कि अफोर्डेबल शिक्षा के क्षेत्र में अधिक से अधिक निजी भागीदारी को बढ़ाबा दिया जाए।
प्रेस्टीज इंजीनियरिंग संस्थान के नव नामांकित छात्रों को उनके उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएँ देते हुए उच्च शिक्षा मंत्री ने  विद्यार्थियों को रास्ते में आने वाली परेशानियों का निडरता से सामना करते हुए सतत प्रयास  की सलाह दी, साथ ही उच्च गुणवत्ता युक्त शिक्षा के महत्व को समझाते हुए प्रेस्टीज संस्थान के इस दिशा में किए जा रहे कार्यो की सराहना की । उन्होंने कहा कि छात्र संस्थान में पढाई के साथ साथ कानूनी दायरे में रहकर मनोरंजन भी करें तथा गुरु शिष्य के परंपरा को जीवित रखते हुए  अपने शिक्षकों का सम्मान करें।  उन्होंने कहा कि शिक्षा एक सकारात्मक शब्द है  जो राजभक्ति के साथ साथ देश में उन्नति की भावना जगाती है। छात्रों से आवाहन करते हुए पटवारी ने कहा कि उन्होंने जिस संस्थान में इंजीनियरिंग की पढाई करने के लिए अपना नामांकन करवाया है, वहां उन्हें रोजगार के अवसर स्वतः प्राप्त होंगे , पर आपके लिए सबसे महत्वपूर्ण यह है कि आप एक अच्छे  इंसान बनें और सकारात्मक शिक्षा ग्रहण करें।
इस अवसर पर उन्होंने ने इन्दौर ट्रैफिक पुलिस यातायात नियमों के पालन के लिए चलाए गए मुहीम की सराहना करते हुए छात्रों के साथ समारोह में उपस्थित सभी गणमान्य अतिथियों, उद्योगपतियों को यातायात के नियमों का पालन करने की शपथ दिलाई और छात्रों से आवाहन किया कि वो यातायात के नियमों का अपने अंदर आत्मसात करें क्योंकि ट्रैफिक नियमों की छोटी सी से भूल से जीवन का अंत हो सकता है।
:: शिक्षण संस्थान विद्याविवर्धनम को बढ़ावा दें : माधव चितले 
देश के सुप्रसिद्ध जल विशेषज्ञ एवं स्टॉकहोम वाटर अवार्ड के विजेता  माधव आत्माराम चितले ने अपने उद्बोधन में छात्रों से आवाहन किया कि वो इस संस्थान में सिर्फ विद्यारम्भ का हिस्सा नहीं बन कर विद्याविवर्धनम की बात सोचें।  वो यह सोचें कि देश ने अबतक चंद्रयान 2 के प्रक्षेपण तक जो तकनिकी  दक्षता हासिल की है वो उस दक्षता को और अधिक ऊंचाइयों तक ले जाकर भारत को विषय का तकनिकी महाशक्ति के रूप में स्थापित करें। चितले ने कहा  कि देश को अभी विद्याविवर्धनम के क्षेत्र में बहुत कुछ करना बांकी है। आजादी के इतने वषों बाद भी देश की मात्र दो संस्थानें आई आइए टी मुंबई एवं दिल्ली ही अबतक विश्व के 200 सर्वाधिक प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में अपना जगह बना पाई हैं।  चितले ने कहा कि देश में शिक्षा के स्तर को बढ़ाने के साथ साथ  शिक्षण संस्थानों में रिसर्च वर्क्स को भी नेक्स्ट लेवल तक ले जाने की आवश्यकता है जिससे कि प्रेस्टीज जैसे अधिक से अधिक शिक्षण संस्थान विश्व के श्रेष्ठतम शिक्षण संस्थानों में अपनी जगह बना स सकें।
:: शहर के ट्रैफिक सुधार हेतु प्रेस्टीज संस्थान का इन्दौर ट्रैफिक पुलिस के साथ करार :: 
इस अवसर इन्दौर ट्रैफिक पुलिस के ए एस पी महेंद्र जैन ने छात्रों से  यातायात के नियमों का पालन करते हुए कहा कि जिस  तरह इन्दौर पुरे देश में लगातार तीसरी बार लोगों की भागीदारी के कारण सबसे स्वच्छ शहर बना, ठीक उसी तरह हमें इन्दौर को पुरे देश ट्रैफिक के क्षेत्र में भी 2022 तक नं 1 बनाना है और यह तभी संभव है जब अधिक से अधिक लोग ट्रैफिक नियमों के अनुपालन में अपनी सहभागिता निभाएं।
उन्होंने कहा कि इन्दौर रोड सेफ्टी के मामले में वर्ष 2018 में पुरे भारत में अव्वल आया है और इसका  श्रेय इन्दौर के लोगों को जाता है, पर ट्रैफिक नियमों के अनुपालन में हमें और अधिक कार्य करने की आवश्यकता है, पर यह जनभागीदारी के बिना संभव नहीं होगा। इस अवसर पर उन्होंने इन्दौर ट्रैफिक पुलिस की तरफ से छात्रों , शिक्षा मंत्री श्री जीतू पटवारी एवं उपस्थित अतिथियों को यातायात के नियमों का पालन करने की शपथ भी दिलवाई। समारोह के दौरान प्रेस्टीज इंस्टिट्यूट ऑफ़ इंजीनियरिंग एंड मैनेजमेंट रिसर्च इंस्टिट्यूट एवं इन्दौर ट्रैफिक पुलिस के बीच एक मेमोरेंडम ऑफ़  अंडरस्टैंडिंग भी साइन किया गया जिसके अंतर्गत प्रेस्टीज इंजीनियरिंग संस्थान द्वारा इन्दौर ट्रैफिक पुलिस को शहर की यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित बनाने के लिए तकनिकी सहयोग प्रदान किया जाएगा।
:: छात्र इनोवेशन पर  फोकस करें : डेविश जैन
प्रेस्टीज एजुकेशन सोसाइटी के वाईस चेयरमैन डॉ डेविश जैन ने छात्रों से आवाहन किया कि वो संस्थान में पढाई के साथ साथ इनोवेशन पर फोकस करें जिससे कि वो संस्थान में अध्ययन करते हुए नए नए तरह के तकनिकी समाधान को विकसित कर सकें।  प्रेस्टीज संस्थान उन्हें उनमें प्राकृतिक रूप से  समस्याओं के समाधान हेतु कौशल विकसित करने  के लिए, हर सुविधाएं उपलब्ध करवाएगा। डॉ जैन ने कहा कि  आज दुनिया में सबसे सफल लोग इंजीनियरिंग के पेशे से आते हैं।  आजतक जितने भी महत्वपूर्ण खोज हुए हैं, जिसने मनुष्यों के जीवन को बदला है वह तकनिकी एवं प्राद्दोगिकी से ही संभव हो पाया है।  उन्होंने कहा कि आज इनोवेशन एवं एंट्रेप्रेनरशिप साथ साथ चलते हैं।  आज एप्प्स डेवलपमेंट, आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस, सोशल मीडिया, इंटरनेट के क्षेत्रों में जितने भी नए नए नौकरियों के अवसरों का सृजन हो रहा है वह इनोवेशन तकनिकी का ही परिणाम है, डॉ जैन ने कहा।
:: विधायक कुणाल चौधरी ने भी छात्रों को सम्बोधित किया :: 
अपने स्वागत सम्बोधन में प्रेस्टीज इंस्टिट्यूट ऑफ़ इंजीनियरिंग एंड मैनेजमेंट रिसर्च के निदेशक डॉ मनोज कुमार देशपांडे ने कहा कि प्रेस्टीज इंजीनियरिंग संस्थान `तीन एफ'   की सिद्धांतों पर कार्य करती है जिसमें अच्छी एवं श्रेष्ठ फैकल्टीज के द्वारा छात्रों को शिक्षित करना हमारी सबसे पहली प्राथमिकता हैं।  दूसरा एफ फैसिलिटी को इंगित करता है जिसके अंतर्गत संस्थान के पास सबसे  विकसित बिग डाटा लैब है।  इसके अलावा संस्थान अपने वर्कफोर्स में अत्याधुनिक कौशल के विकास के लिए इंडस्ट्री 4 . 0 तकनिकी पर भी कार्य कर रही है ।  तीसरे एफ के अंतर्गत संस्थान अनेकों फोरमों के साथ सम्बद्ध है जिससे कि संस्थान के छात्रों का 360  डिग्री विकास हो सके।
समारोह में संस्थान के विभिन्न संकायों में पढ़ने वाले छात्र छात्राओं को अपने अपने विषयों में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने के लिए अतिथियों द्वारा सम्मानित भी किया गया , इसके अलावा संस्थान के फैकल्टीज द्वारा उद्योग एवं शिक्षा जगत के हस्तियों को भी सम्मानित किया गया।
समारोह में प्रेस्टीज शिक्षण समूह के चेयरमैन डॉ एन एन जैन, जॉइंट एम् डी डिपिन जैन, हिमांशु जैन एस जी एस आई टी एस के डायरेक्टर डॉ राजेश सक्सेना, सुप्रसिद्ध नृत्यांगना श्रीमती रागिनी मक्क्ड़, उद्योग एवं शिक्षा जगत की हस्तियों के अलावा बड़ी संख्या में छात्र छात्राएं एवं प्रेस्टीज इंजीनियरिंग एवं प्रबंध संस्थान के फैकल्टीज उपस्थित थे।  प्रो. राजीव रघुवंशी  तथा  प्रो पटवर्धन  ने  कार्यक्रम का  संचालन  किया।