इस्लामाबाद : पाकिस्तानी अधिकारियों ने बताया है कि करतारपुर साहिब गुरुद्वारे मत्था टेकने आने वाले सिख श्रद्धालुओं से लिए जाने वाले शुल्क को सिख समुदाय के कल्याण और उनके धर्मस्थलों के रखरखाव पर खर्च किया जाएगा. यह श्रद्धालु करतारपुर गलियारे(Kartarpur Sahib Corridor) से होकर गुरुद्वारे तक पहुंचेंगे जिसका उद्घाटन नौ नवंबर को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान(Imran Khan) करेंगे. समाचार पत्र 'द नेशन' ने अधिकारियों के हवाले से यह जानकारी दी है. अखबार की रिपोर्ट में बताया गया है कि एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने कहा कि पाकिस्तान(Pakistan) श्रद्धालुओं से धन नहीं कमाना चाहता बल्कि उनके लिए योगदान करना चाहता है.
अधिकारी ने कहा, "हां, करतारपुर गलियारे से कुछ आमदनी होगी लेकिन हम इसका इस्तेमाल सिखों के अलावा किसी अन्य परियोजना पर नहीं करेंगे. यह पैसा समुदाय के धर्म स्थलों व ऐतिहासिक स्थलों के रखरखाव पर खर्च होगा."

एक अन्य अधिकारी ने बताया कि करतारपुर आने वाले श्रद्धालुओं से मिलने वाले धन में सरकार अपनी तरफ से कुछ और धन जोड़कर उसे करतारपुर गलियारे की सुविधाओं को बढ़ाने पर लगाएगी. पाकिस्तान ने भारत से आने वाले सिख श्रद्धालुओं में से प्रत्येक से बीस डॉलर सर्विस चार्ज लेने का फैसला किया है. पाकिस्तान का अनुमान है कि उसे करतारपुर यात्रियों से सालाना तीन करोड़ पैंसठ लाख डॉलर की कमाई होगी.