ओलंपिक से डबल ट्रैप शूटिंग को बाहर कर दिया गया तो एक शूटर ने अपना खेल बदला और उसने डबल की जगह सिंगल ट्रैप में निशाना लगाना शुरू किया। उसने खेल का यह बदलाव लगभग दस महीने पहले ही किया और उसके बावजूद देश के लिए एक साथ दो मेडल जीत लिए।
यह कारनामा हरियाणा के इकलौते वर्ल्ड चैंपियन शूटर अंकुर मित्तल ने करके दिखाया है। जिसने थाईलैंड ओपन शूटिंग चैंपियनशिप में मंगलवार को दो मेडल जीते, जिनमें व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण और टीम स्पर्धा में रजत पदक शामिल हैं। अंकुर मित्तल की इस उपलब्धि से परिवार में खुशी का माहौल है और वह पूरी तरह से ओलंपिक को टारगेट करके खेलने में लगा हुआ है।

थाईलैंड में 6-10 सितंबर तक थाईलैंड ओपन शूटिंग चैंपियनशिप खेली गई, जिसमें सोनीपत के औद्योगिक क्षेत्र में रहने वाले विश्व के नंबर वन शूटर अंकुर मित्तल भी खेले। वहां अंकुर मित्तल ने व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता, जबकि उसने टीम स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीता है।

अंकुर मित्तल ने व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक मंगलवार को जीता, जबकि टीम स्पर्धा में रजत पदक पहले दिन जीत लिया था। अंकुर के देश के लिए दो पदक जीतने का पता चलते ही परिवार में खुशी का माहौल हो गया। अंकुर मित्तल के लिए ये दोनों पदक इसलिए काफी अहम हैं, क्योंकि उसको ओलंपिक 2020 से शूटिंग का डबल ट्रैप हटने के कारण अपना खेल बदलना पड़ा है।

अंकुर ने दस महीने पहले ही सिंगल ट्रैप में प्रैक्टिस शुरू की और यह उसकी पहली अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप थी, जिसमें उसने दो मेडल जीते है। अंकुर के पिता अशोक मित्तल ने बताया कि डबल ट्रैप से अचानक सिंगल ट्रैप में निशाना लगाना इतना आसान नहीं है, लेकिन अंकुर ने लगातार प्रैक्टिस करके इस उपलब्धि को हासिल किया। उसका लक्ष्य ओलंपिक में जगह बनाना है और उसके बाद देश के लिए ओलंपिक में मेडल जीतना है।