पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के होनहार बच्चों के लिए अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना

रायपुर

छत्तीसगढ़ के श्रम विभाग द्वारा संचालित अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के तहत पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के होनहार बच्चों के लिए एक बेहतरीन अवसर सामने आया है। योजना के अंतर्गत शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 6वीं में प्रवेश लेने वाले मेधावी एवं प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रदेश के उत्कृष्ट आवासीय विद्यालयों में पूर्णतः निःशुल्क और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की जाएगी। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि 12 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है।

इन माध्यमों से कर सकते हैं आवेदन
         
श्रम विभाग के ‘श्रमेव जयते’ मोबाइल ऐप एवं आधिकारिक वेब पोर्टल द्वारा पात्र विद्यार्थी और उनके अभिभावक निम्नलिखित माध्यमों से आसानी से आवेदन जमा कर सकते हैं। अपने निकटतम विकासखंड की जनपद पंचायत में स्थित श्रम संसाधन केंद्र में जाकर या नजदीकी चॉइस सेंटर  के माध्यम से, जिला कार्यालय के श्रम पदाधिकारी के पास जाकर आवेदन जमा कर सकते हैं।

आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज
       
आवेदन करते समय विद्यार्थियों को निम्नलिखित दस्तावेजों की प्रतियां संलग्न करना अनिवार्य होगा। इसी प्रकार श्रमिक पंजीयन कार्ड (लेबर कार्ड), छात्र-छात्रा का मूल निवास प्रमाण-पत्र संलग्न करना होगा। आधार कार्ड (नियमों के तहत सुरक्षित रूप से आवश्यक), कक्षा 5वीं की उत्तीर्ण अंकसूची (मार्क्सशीट), वर्तमान कक्षा में अध्ययनरत होने का प्रमाण-पत्र संलग्न करना होगा।

योजना की प्रमुख शर्तें और पात्रता
         
योजना का लाभ केवल उन पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को मिलेगा, जिनका श्रमिक पंजीयन आवेदन की तिथि से कम से कम एक वर्ष पूर्व का हो। यह लाभ श्रमिक परिवार की प्रथम दो संतानों को ही देय होगा। विद्यार्थी का शैक्षणिक सत्र 2026-27 में कक्षा 6वीं में प्रवेश लेना अनिवार्य है।

चयन के बाद मिलेंगी ये विश्वस्तरीय सुविधाएं
        
प्राप्त आवेदनों की बारीकी से जांच करने के बाद छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा निर्धारित मापदंडों के अनुसार पात्र मेधावी विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा। चयनित छात्र-छात्राओं को कक्षा 6वीं से लेकर 12वीं तक की पूरी पढ़ाई निःशुल्क कराई जाएगी। इसके साथ ही उन्हें उत्कृष्ट विद्यालयों में मुफ्त आवास (हॉस्टल), पौष्टिक भोजन तथा अन्य सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि श्रमिक परिवारों के बच्चों को एक बेहतर और प्रतिस्पर्धी शैक्षणिक माहौल मिल सके।

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