गाजियाबाद
सावन माह में आयोजित होने वाली कांवड़ यात्रा को लेकर गाजियाबाद प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है. लाखों शिवभक्तों के आगमन को देखते हुए सुरक्षा, यातायात और सुविधाओं से जुड़ी व्यापक तैयारियां की गई हैं. इस बार प्रशासन का सबसे बड़ा फोकस कांवड़ यात्रा के दौरान ट्रैफिक प्रबंधन और रूट डायवर्जन योजना के सफल क्रियान्वयन पर है. 29 जुलाई से 12 अगस्त तक भारी वाहनों के लिए विशेष डायवर्जन लागू कर दिया गया है, ताकि कांवड़ियों की आवाजाही निर्बाध बनी रहे. वहीं प्रमुख कांवड़ मार्गों पर हाईटेक निगरानी, मेडिकल कैंप, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा बलों की तैनाती के जरिए यात्रा को सुरक्षित और सुचारु बनाने की तैयारी की गई है।
12 अगस्त तक लागू रहेगा रूट डायवर्जन
कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन ने 29 जुलाई से 12 अगस्त तक भारी वाहनों के लिए विशेष ट्रैफिक डायवर्जन योजना लागू कर दी है. प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कांवड़ियों के आवागमन में किसी प्रकार की बाधा न आए और राष्ट्रीय व राज्य मार्गों पर यातायात नियंत्रण में रहे. ट्रैफिक पुलिस को विभिन्न प्रमुख चौराहों और संवेदनशील मार्गों पर विशेष रूप से तैनात किया गया है. यात्रा के दौरान आम नागरिकों से ट्रैफिक एडवाइजरी का पालन करने और वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की अपील भी की गई है।
दूधेश्वरनाथ मंदिर पर रहेगा सबसे ज्यादा दबाव
गाजियाबाद का प्राचीन दूधेश्वरनाथ मंदिर कांवड़ यात्रा का प्रमुख केंद्र माना जाता है. जिला प्रशासन के अनुसार इस वर्ष 10 लाख से अधिक कांवड़ियों के मंदिर पहुंचने की संभावना है. श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर परिसर के बाहर बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई है. दर्शन और जलाभिषेक को व्यवस्थित बनाने के लिए अलग-अलग कतार मार्ग निर्धारित किए गए हैं ताकि भीड़ का दबाव नियंत्रित रखा जा सके।
हाईटेक निगरानी में होगी पूरी यात्रा
इस बार सुरक्षा व्यवस्था को तकनीक से जोड़कर और मजबूत बनाया गया है. कांवड़ मार्गों पर सीसीटीवी कैमरे, विशेष कंट्रोल रूम और वॉच टावर स्थापित किए जा रहे हैं. वॉच टावरों पर दूरबीन और आधुनिक उपकरणों से लैस पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे, जो पूरे मार्ग पर नजर रखेंगे. इसके अलावा विभिन्न व्हाट्सएप ग्रुपों के माध्यम से भी रियल टाइम सूचना साझा की जाएगी. सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों की तैनाती भी की जाएगी ताकि संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई हो सके।
एनडीआरएफ और एसडीआरएफ भी रहेंगी तैनात
एडीएम सिटी विकास कश्यप के अनुसार सुरक्षा के लिए पुलिस और पीएसी के साथ-साथ एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को भी अलर्ट पर रखा गया है. मुरादनगर गंग नहर घाट पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई है. यहां स्नान करने आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बैरिकेडिंग, सुरक्षा जाल और राहत-बचाव टीमों की तैनाती की जाएगी।
300 शिविरों में मिलेगी हर सुविधा
कांवड़ियों की सुविधा के लिए गाजियाबाद में करीब 300 शिविर स्थापित किए जाएंगे. इन शिविरों में पेयजल, प्राथमिक चिकित्सा, विश्राम, प्रकाश व्यवस्था और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी. स्वास्थ्य विभाग को एम्बुलेंस और मेडिकल टीमों की तैनाती के निर्देश दिए गए हैं, जबकि बिजली विभाग को कांवड़ मार्गों पर तारों, पोलों और विद्युत व्यवस्थाओं की जांच पूरी करने को कहा गया है।
ढाबों और दुकानों की होगी निगरानी
प्रशासन ने खाद्य सुरक्षा विभाग को कांवड़ मार्ग पर स्थित होटल, ढाबों और खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच के निर्देश दिए हैं. साथ ही दुकानदारों और विक्रेताओं की पहचान संबंधी जानकारी प्रमुख रूप से प्रदर्शित कराने की व्यवस्था की जा रही है. इससे पारदर्शिता और सुरक्षा दोनों सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा।
युद्धस्तर पर तैयारियां, प्रशासन का दावा
एडीएम सिटी विकास कश्यप ने बताया कि सभी प्रमुख शिवालयों को पूरी तरह तैयार कर लिया गया है. सुरक्षा, पेयजल, स्वास्थ्य, बिजली और यातायात से जुड़ी व्यवस्थाओं की लगातार समीक्षा की जा रही है. प्रशासन का कहना है कि कांवड़ यात्रा 2026 को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए सभी विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर युद्धस्तर पर तैयारियां की गई हैं, ताकि लाखों शिवभक्तों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।