मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्माणाधीन रेप्टाइल पार्क एवं अनुसंधान केंद्र का किया निरीक्षण

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरूवार को रेप्टाइल पार्क (सर्प उद्यान) एवं अनुसंधान केंद्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि होमगार्ड के जवानों को भी सांप पकडऩे और सुरक्षित रेस्क्यू करने का विशेष प्रशिक्षण दिया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कई बार रिहायशी क्षेत्रों में सांप निकलने की घटनाएं सामने आती हैं। ऐसे समय प्रशिक्षित होमगार्ड जवान नागरिको की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए सर्पों का सुरक्षित रेस्क्यू कर सकेंगे। इससे वन्यजीव संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा और आमजन में भय की स्थिति भी कम होगी।

उज्जैन को वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण शिक्षा के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बसंत विहार क्षेत्र में स्मार्ट सिटी परियोजना के अंतर्गत निर्माणाधीन रेप्टाइल पार्क (सर्प उद्यान) एवं अनुसंधान केंद्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति का जायजा लिया और अधिकारियों से परियोजना की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।

सुविधाओं से सुसज्जित होगा सर्प उद्यान

रेप्टाइल पार्क को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। यहां आगंतुकों के लिए विशेष विजिटर जोन, विभिन्न प्रजातियों के सर्पों और अन्य सरीसृपों के प्रदर्शन के लिए प्रदर्शनी क्षेत्र, जनसुविधा केंद्र, चिकित्सालय, पोस्टमार्टम कक्ष, इंटरप्रिटेशन सेंटर, रिसर्च सेंटर, एजुकेशन सेंटर तथा अत्याधुनिक रेस्क्यू सेंटर का निर्माण किया जा रहा है। इसके साथ ही स्नेक पार्क भी विकसित किया जाएगा, जहां सर्पों के प्राकृतिक व्यवहार और उनके संरक्षण से जुड़ी जानकारी लोगों को उपलब्ध कराई जाएगी।

संरक्षण और जागरूकता का बनेगा बनेगा प्रमुख केंद्र

रेप्टाइल पार्क का उद्देश्य केवल सर्पों का प्रदर्शन करना नहीं, बल्कि लोगों में सांपों और अन्य सरीसृपों के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना भी है। यह केंद्र आमजन को यह समझाने का प्रयास करेगा कि अधिकांश सांप पर्यावरण के लिए उपयोगी होते हैं और जैव विविधता के संरक्षण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। सर्प उद्यान के माध्यम से लोगों में वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाई जाएगी, वहीं बच्चों, विद्यार्थियों और शोधार्थियों को सरीसृपों के वैज्ञानिक अध्ययन का अवसर भी मिलेगा। यह केंद्र संकटग्रस्त प्रजातियों के संरक्षण, उनके प्राकृतिक आवासों के महत्व और जैव विविधता के संवर्धन की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। साथ ही रेस्क्यू सेंटर के माध्यम से घायल अथवा संकटग्रस्त सर्पों का उपचार और पुनर्वास भी किया जाएगा।

निरीक्षण के दौरान विधायक  अनिल जैन कालूहेड़ा, विधायक  सतीश मालवीय, उज्जैन विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष  रवि सोलंकी, मध्यप्रदेश हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष  ओम जैन, अध्यक्ष  संजय अग्रवाल, एडीजी  राकेश गुप्ता, संभागायुक्त  आशीष सिंह, कलेक्टर  रौशन कुमार सिंह, डीआईजी  नवनीत भसीन, नगर निगम आयुक्त  अभिलाष मिश्रा, पुलिस अधीक्षक  प्रदीप शर्मा, स्मार्ट सिटी सीईओ  संदीप शिवा सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

 

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