रेलवे का भू-अर्जन विवाद: शासन ने आपत्ति न सुनकर किया निरस्तीकरण

रायपुर/बिलासपुर

रेलवे की ओर से भूमि का अधिग्रहण करने के मामले में पेश आपत्ति को भू-अर्जन अधिकारी ने बिना सुनवाई किए निरस्त कर दिया. इस प्रकरण पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने रेलवे बोर्ड सहित राज्य शासन को नोटिस जारी कर जवाब प्रस्तुत करने का आदेश दिया है. दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे महाप्रबंधक द्वारा विद्युत सब स्टेशन निर्माण हेतु ग्राम बेलगहना में भू-अर्जन की कार्यवाही प्रारंभ की गई. रेलवे प्रशासन की मांग पर भू-अर्जन अधिकारी द्वारा कार्यवाही प्रकरण संस्थित कर कार्यवाही प्रारंभ की गई तथा प्रारंभिक अधिसूचना प्रकाशित की गई. अधिसूचना प्रकाशित होने पर भू-स्वामी द्वारा विस्तृत आपत्ति दर्ज की गई.

आपत्ति में आधार लिया गया कि अर्जित भूमि कृषि भूमि है तथा भूस्वामी इसी पर आश्रित है. यह भी बताया गया कि, रेलवे विभाग के पास उसी क्षेत्र में भूमि उपलब्ध है. भू-अर्जन अधिकारी द्वारा बगैर समुचित सुनवाई के आपत्ति खारिज की गई. इसके विरुद्ध याचिकाकर्ता प्रदीप अग्रवाल द्वारा अधिवक्ता सुशोभित सिंह के माध्यम से याचिका दायर की गई. याचिका में बताया गया कि, रेलवे अधिनियम की धारा 20 डी के अनुसार भू अर्जन अधिकारी को भू-अर्जन के विरुद्ध आपत्ति पर विचार कर समुचित सुनवाई का अवसर दिया जाना चाहिए. आपत्ति निरस्त करना विधि विरुद्ध है, याचिका पर संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट ने रेलवे बोर्ड सहित राज्य शासन को नोटिस जारी कर जवाब प्रस्तुत करने का आदेश दिया है.

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