भोपाल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बलराम कृषि महोत्सव सिर्फ किसानों का नहीं, यह हमारी भारतीय कृषि संस्कृति का उत्सव है। इसीलिए इसे एक सांस्कृतिक पर्व के रूप में मनाया जाए। इन दिनों प्रदेश में सभी जिलों में बलराम कृषि महोत्सव मनाया जा रहा है। जिसमें उन्नत कृषि पर केंद्रित प्रदर्शनी भी लगाई जा रही है। बड़ी संख्या में किसानों और ग्रामीणों की इसमें सहभागिता इस बात का प्रतीक है कि किसान स्वप्रेरणा से इस महोत्सव से जुड़ रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संस्कृति विभाग बलराम कृषि महोत्सव में विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित कर किसानों की बड़ी संख्या में उपस्थिति का लाभ उठाए और उन्हें मनोरंजक तरीके से हमारी संस्कृति और सरकार की उपलब्धियों के बारे में बताया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस सहित आगामी सभी पर्व पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को मंत्रालय में स्वतंत्रता दिवस और अन्य पर्वों से जुड़ी तैयारियों की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रावण मास चल रहा है। कांवड़िये शिवालयों की तरफ बढ़ रहे हैं। इनके सहज आवागमन, भोजन, पानी, सुरक्षा सभी के लिए व्यापक प्रबंध किए जाएं। कांवड़ियों को कोई कठिनाई नहीं हो।
14 अगस्त को मनाया जाएगा भारत विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस
अपर मुख्य सचिव गृह विभाग संजय कुमार शुक्ल ने बैठक में बताया कि 14 अगस्त को वंदेमातरम् 150 वर्ष समारोह एवं भारत विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाया जाएगा। इस दिन शौर्य स्मारक में एक 'चित्र प्रदर्शनी' आयोजित की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इस प्रदर्शनी का शुभारंभ कर इसका अवलोकन भी करेंगे। इस अवसर पर शौर्य स्मारक में ही प्रवासी भारतीय और भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महत्वपूर्ण योगदान को रेखांकित करती 'प्रवासी सेनानी वीथी' का लोकार्पण मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री इसी स्थान से पुलिस बल की तिरंगा बाईक रैली को हरी झंडी दिखाकर इस रैली को रवाना करेंगे। रैली की शुरुआत शौर्य स्मारक से होकर विभिन्न मार्ग होते हुए इसका समापन भी शौर्य स्मारक में ही होगा।
स्वतंत्रता दिवस पर सुबह शौर्य स्मारक में पुष्पांजलि और शाम को रविन्द्र भवन में मनेगा आजादी का महापर्व
अपर मुख्य सचिव शुक्ल ने बताया कि स्वतंत्रता दिवस अवसर पर सुबह 8.30 बजे शौर्य स्मारक भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा शौर्य स्मारक स्थित शहीद स्तम्भ पर पुष्प चक्र एवं भारतमाता की मूर्ति पर पुष्पांजलि अर्पित की जाएगी। इसी दिन शाम 6.30 बजे रवीन्द्र भवन के हंसध्वनि सभागार में मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में आजादी का महापर्व कार्यक्रम मनाया जाएगा। इसमें सुप्रसिद्ध पार्श्व गायिका मती कविता कृष्णमूर्ति और उनके दल द्वारा सांगीतिक प्रस्तुति दी जाएगी।
28 अगस्त को मनाया जाएगा रक्षाबंधन
अपर मुख्य सचिव संस्कृति शिव शेखर शुक्ला ने बताया कि 28 अगस्त को रक्षा पर्व के रूप में रक्षाबंधन बनाया जाएगा। इस वर्ष यह सामाजिक संबंधों के राष्ट्रीय पर्व के रूप में मनाया जाएगा। इस दिन मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री निवास में लाड़ली बहनों से रक्षा सूत्र बंधवाएंगे। साथ ही इस दिन सभी वरिष्ठजन समाज के कमजोर वर्गों, जरूरतमंदों और निराश्रितों की रक्षा करने का भाव लेकर उनसे रक्षा सूत्र बंधवाएंगे।
2 सितम्बर को मनाई जाएगी बलराम जयंती
अपर मुख्य सचिव शुक्ला ने बताया कि 2 सितम्बर को बलराम जयंती मनाई जाएगी। इस दिन संस्कृति विभाग द्वारा कृषि संबंधी पारम्परिक कलारूपों की प्रस्तुतियां, खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा ग्रामीण अंचलों में खेल-कूद प्रतियोगिता तथा किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग द्वारा कृषि संबंधी आधुनिक उपकरण, खाद, बीज और औषधि केन्द्रित प्रदर्शनी, सह-संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
'कृष्ण पर्व'
अपर मुख्य सचिव संस्कृति शुक्ला ने बताया कि संस्कृति विभाग द्वारा 29 अगस्त से 6 सितम्बर तक प्रदेश भर में 'कृष्ण पर्व' मनाया जाएगा। इसमें 29 अगस्त से 4 सितम्बर तक रविन्द्र भवन में सात दिवसीय रासलीला समारोह जैसे अन्य आयोजन भी किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि कृष्ण पर्व के दौरान प्रदेश के 101 स्थानों पर कृष्ण की लीलाओं पर आधारित सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कृष्ण पर्व से जुड़ी गतिविधियों में स्कूल शिक्षा विभाग, जनजातीय कार्य विभाग और नगरीय निकायों को भी शामिल करने और इनका सहयोग लेने के निर्देश दिए।
'कृष्ण पर्व' के दौरान होने वाली गतिविधियों का स्वरुप
अपर मुख्य सचिव शुक्ल ने बताया कि कृष्ण पर्व आयोजन के दौरान प्रदेश में कृष्ण की लीलाओं और प्रसंगों से जुड़े 25 स्थलों में उस स्थल से जुड़े हुए प्रसंग/आख्यान के अनुसार कलाकारों की प्रस्तुति, लीला केन्द्रित गतिविधियां, कृष्ण से जुड़े विभिन्न प्रसंगों पर नृत्य-नाट्य प्रस्तुतियाँ एवं भगवान बलराम-कृष्ण केन्द्रित भक्ति गायन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर संबंधित जिला प्रशासन के अंतर्गत आने वाले सभी कृष्ण मंदिरों, मठों, देवालयों का विशेष श्रृंगार एवं अन्य सार्वजनिक स्थानों में स्वच्छता अभियान भी चलाया जाएगा। इसके अलावा प्रत्येक जिले के महत्वपूर्ण स्थल पर संस्कृति विभाग के माध्यम से अन्य आयोजन भी किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि इस संदर्भ में कलेक्टर्स को भी निर्देश जारी कर दिए गए हैं। कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर सभी कृष्ण मंदिरों में होने वाली गतिविधियों के आयोजन में तीर्थ स्थान एवं मेला प्राधिकरण का सहयोग भी लिया जाएगा।
बैठक में मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन, अपर मुख्य सचिव मती दीपाली रस्तोगी, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना, प्रमुख सचिव सुखबीर सिंह, आयुक्त जनसम्पर्क मनीष सिंह, मुख्यमंत्री के संस्कृति सलाहकार राम तिवारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।