दुर्ग के सरकारी स्कूलों में कमजोर रिजल्ट पर प्राचार्यों से जवाब तलब

दुर्ग.

सरकारी स्कूलों के तिमाही परीक्षा का रिजल्ट अपेक्षाकृत कमजोर है। बच्चों के निराशाजनक प्रदर्शन से शिक्षा विभाग की चिंताएं बढ़ गई है। दुर्ग ब्लॉक के स्कूलों की तिमाही परीक्षा परिणाम की समीक्षा बुधवार को जेआरडी स्कूल में जिला शिक्षा अधिकारी जगजीत सिंह द्वारा की गई।

कमजोर रिजल्ट का जवाब संबंधित स्कूलों के प्राचार्यों से लिया गया। कई प्राचार्यों ने कहा कि बच्चों की नियमित उपस्थिति नहीं होने से परीक्षा परिणाम संतोषजनक नहीं आया। वहीं, कुछ प्राचार्य ने उत्तर पुस्तिकाओं की कड़ाई से जांच जाने का हवाला दिया। इस पर जिला शिक्षा अधिकारी ने दो टूक कहा कि उत्तर पुस्तिकाएं सामान्य रूप से जांची जाए, न कि किसी पूर्वाग्रह से। समीक्षा के दौरान पता चला कि दुर्ग ब्लॉक की स्कूलों में तिमाही परीक्षा बारहवीं का औसत रिजल्ट 63% तथा दसवीं का 58% रहा है। दुर्ग ब्लॉक के 20 स्कूलों में दसवीं कक्षा का रिजल्ट 60% से कम आया है। वहीं 12वीं में 28 स्कूलों का रिजल्ट 60% से कम है। इस बार 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षाएं फरवरी माह में होगी। इस वजह से तिमाही परीक्षा के बाद पूरे सिलेबस से अर्धवार्षिक परीक्षा ली जाएगी।

कमजोर परीक्षा परिणाम के बारे में दबे स्वर में ये बातें भी सामने उभर कर आई कि स्कूलों में शैक्षणिक कार्यों के अलावा अनावश्यक रूप से कई गतिविधियां की संचालित की जाती है, जिसका पढ़ाई से दूर-दूर तक कोई संबंध नहीं होता। इससे बच्चों का ज्यादा समय भी बर्बाद होता है। बहरहाल डीईओ ने कमजोर बच्चों का चिन्हांकन कर उन्हें सीमित पाठ्यक्रम में ज्यादा से ज्यादा लिखने की प्रैक्टिस करने कहा। माध्यमिक शिक्षा मंडल की वेबसाइट पर अपलोड स्टडी मैटेरियल की तैयारी करने जोर दिए गए। समीक्षा के दौरान सहायक संचालक अमित घोष एवं दुर्ग ब्लॉक के प्राचार्य मौजूद थे।

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