भोपाल
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे का सभागार 2 अक्टूबर को माउथ ऑर्गन की सुरीली स्वर लहरियों से गूंज उठा। किसी ने वैष्णव जन तो…, कहता है दिल…, तो किसी ने बार-बार देखो गीत का संगीत बजाया। श्रोता बड़ी देर तक इन स्वर लहरियों में खोए रहे।
कलाकार अनुपम पॉल और देश की सुप्रसिद्ध 17 साल की हार्मोनिका वादिका सिद्धि सोनी ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। मौका था यहां आयोजित 'भारतीय हार्मोनिका महोत्सव-2026' का। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हार्मोनिका महोत्सव के 13वें संस्करण का दीप प्रज्ज्वलन कर शुभारंभ किया।
इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज के इस अवसर पर रोमांचित करने वाले संगीत के साधकों का मध्यप्रदेश सरकार की ओर से हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन करता हूं। संगीत के प्रति आपका समर्पण अद्भुत है। संगीत भारतीय संस्कृति की जीवंत परंपरा है।
असल में कला जगत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के 'एक भारत – श्रेष्ठ भारत' की परिकल्पना को साकार करता है। मोदी सरकार कला और संगीत के महान साधकों को पद्म पुरस्कार प्रदान कर उनकी साधना को सम्मानित कर रही है।
भोपाल का कुशाभाऊ ठाकरे सभागृह माउथ ऑर्गन की सुरीली स्वर लहरियों से गूंज उठा। किसी ने वैष्णव जन तो…, कहता है दिल…, तो किसी ने बार-बार देखो गीत का संगीत बजाया। श्रोता बड़ी देर तक इन स्वर लहरियों में खोए रहे। कलाकार अनुपम पॉल और देश की सुप्रसिद्ध 17 साल की हार्मोनिका वादिका सिद्धि सोनी ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। मौका था यहां आयोजित 'भारतीय हार्मोनिका महोत्सव-2026' का। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हार्मोनिका महोत्सव के 13वें संस्करण का दीप प्रज्ज्वलन कर शुभारंभ किया।
भारतीय माउथ आर्गन वादकों के सम्मेलन में सीएम मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि 16 प्रदेशों से 180 प्रतिभागी वादक भोपाल आए हैं। यह एमपी का 13वां संस्करण है। पाल साहब ने गंगा किनारे कोलकाता से यह सफर शुरू किया था। जहां आप कार्यक्रम कर रहे हैं, वो राज्य तानसेन, बैजूबावरा, कुमार गंधर्व से जुड़ा है। सांदीपनी की नगरी कालों में काल महाकाल मानव सृष्टि का यह अपने आप में उदाहरण है। मोहन यादव ने कहा कि हमारे महाकाल मंदिर प्रांगण में प्रदर्शनी भी लगाई गई थी। इस में बताया गया था कि हमें पहला वाद्य बनाने की जो प्रेरणा मिली, जब पानी की बूंद जब तालाब पर गिरती है तो ध्वनि निकलती है तो डमरू की कल्पना हुई। यह हमारा पहला वाद्य था जो महादेव का वाद्य है। मोहन यादव ने कहा कि जैसे ही महादेव को हमने स्मरण किया, भगवान कृष्ण की बांसुरी भी जो वाद्य है। बांस में सात स्वर बनते हैं।
साधकों का स्वागत
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने कहा है कि आज के इस अवसर पर रोमांचित करने वाले संगीत के साधकों का मध्यप्रदेश सरकार की ओर से हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन करता हूँ। संगीत के प्रति आपका समर्पण अद्भुत है। संगीत भारतीय संस्कृति की जीवंत परंपरा है। असल में कला जगत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के “एक भारत – श्रेष्ठ भारत” की परिकल्पना को साकार करता है। मोदी सरकार कला और संगीत के महान साधकों को पद्म पुरस्कार प्रदान कर उनकी साधना को सम्मानित कर रही है।
संगीत की विधा को ऊंचाइयों तक ले जाएगा ये कार्यक्रम
कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मीडिया से कहा कि हारमोनिका एसोसिएशन द्वारा भोपाल में आयोजित देश के 13वें सम्मेलन में सहभागी देशभर से पधारे माउथ ऑर्गन कलाकारों का मध्यप्रदेश की पावन धरा पर हार्दिक स्वागत है। संगीत और कला भारतीय संस्कृति की समृद्ध विरासत के अभिन्न अंग हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में कला, संगीत एवं संस्कृति को प्रोत्साहित करने तथा कलाकारों को सम्मान और उचित मंच प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। मुझे विश्वास है कि यह सम्मेलन देशभर के कलाकारों को एक मंच पर लाने के साथ-साथ संगीत की इस मधुर विधा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।