मुंबई
पंजाब किंग्स (पीबीकेएस) के अनुभवी स्पिनर युजवेंद्र चहल आईपीएल 2026 के बीच विवादों में घिर गए हैं। चहल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा, जिसमें दावा किया जा रहा कि स्पिनर हवाई जहाज में ई-सिगरेट पीते हुए पकड़ा गया। यह वीडियो अहमदाबाद से हैदराबाद जाने के दौरान का है। पंजाब की बुधवार को सनराइजर्स हैदराबाद से टक्कर हुई, जिसमें उसे 33 रनों से हार का सामना करना पड़ा। चहल जिस वक्त वीडियो में दिखे, तब तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह पंजाब टीम के खिलाड़ियों से बातचीत कर रहे थे। हालांकि, वेपिंग (ई-सिगरेट का इस्तेमाल करना) के दावे को लेकर अभी तक चहल, अर्शदीप, पीबीकीएस या आईपीएल की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
लपेटे में आए थे रियान पराग
फ्लाइट के अंदर धूम्रपान या ई-सिगरेट का इस्तेमाल करना मना है। भारत में ई-सिगरेट पर प्रतिबंध है। बता दें कि कुछ दिन पहले राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग मैच के दौरान ड्रेसिंग रूम में वेपिंग करते हुए टीवी कैमरों में कैद हुए थे। भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीआई) ने पराग के खिलाफ एक्शन लिया था और उनपर खेल की छवि को नुकसान पहुंचाने के आरोप में लगाया गया। पराग पर ना सिर्फ मैच फीस का 25 प्रतिशत जुर्माना ठोका गया बल्कि उनके खाते में एक डिमेरिट अंक भी जोड़ा गया।
भारत सरकार ने साल 2019 में ई-सिगरेट पर बैन लगा दिया था। कानून के अनुसार पहली बार अपराध करने पर दोषी को एक साल तक की जेल और/या एक लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। ई-सिगरेट निषेध अधिनियम (पीईसीए) 2019 के अनुसार, ''कोई भी व्यक्ति प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से ई-सिगरेट का उत्पादन या निर्माण या आयात या निर्यात या परिवहन या बिक्री या वितरण नहीं करेगा और ई-सिगरेट का विज्ञापन नहीं करेगा या किसी ऐसे विज्ञापन में भाग नहीं लेगा जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से ई-सिगरेट के उपयोग को बढ़ावा देता हो।''
ई-सिगरेट स्वास्थ्य के लिए हानिकारक मानी जाती है। जॉन हॉपकिंस मेडिसिन के अनुसार, ''ई-सिगरेट का इस्तेमाल करना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है, हालांकि यह सिगरेट पीने जितना हानिकारक नहीं हो सकता है।'' उसके अनुसार, ''निकोटिन नियमित सिगरेट और ई-सिगरेट का मुख्य घटक है और इससे लत लग जाती है। इससे धूम्रपान की तीव्र इच्छा पैदा होती।'' जॉन हॉपकिंस मेडिसिन की वेबसाइट पर एक विशेषज्ञ के लेख में कहा गया है, ''निकोटिन एक जहरीला पदार्थ है। यह रक्तचाप और एड्रेनालाईन का स्तर बढ़ाता है, जिससे हृदय गति बढ़ जाती है और दिल का दौरा पड़ने की संभावना बढ़ जाती है।''